निमिषा प्रिया की फांसी रद्द होने की खबर गलत, विदेश मंत्रालय ने बताया भ्रामक  

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निमिषा प्रिया की फांसी रद्द होने की खबर गलत, विदेश मंत्रालय ने बताया भ्रामक  

-यमन में निमिषा की मदद कर रहे शख्स ने फेसबुक पर दिया अपडेट

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द होने की खबर गलत और भ्रामक है। भारत के विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह जानकारी मौजूदा स्थिति को सही तरीके से नहीं दर्शाती है। वहीं यमन में निमिषा की मदद कर रहे शख्स ने भी अपनी फेसबुक पोस्ट में इसको लेकर अपडेट दिया है।

दरअसल, इससे पहले भारतीय ग्रैंड मुफ्ती कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के दफ्तर की ओर से दावा किया गया था कि निमिषा प्रिया की पहले टाली गई मौत की सजा अब पूरी तरह रद्द कर दी गई है। लेकिन सरकार की तरफ से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।

क्या है मामला?
निमिषा प्रिया (37) को जून 2018 में एक यमनी नागरिक की हत्या का दोषी पाया गया था। उन्हें 16 जुलाई को फांसी दी जानी थी, लेकिन 15 जुलाई को उनकी सजा अस्थायी रूप से टाल दी गई थी।

धर्मगुरुओं की बातचीत से जगी थी उम्मीद
15 जुलाई को भारतीय ग्रैंड मुफ्ती एपी अबूबकर मुसलियार और यमन के मशहूर सूफी विद्वान शेख हबीब उमर बिन हाफिज के बीच इस मामले को लेकर अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में यमन के सुप्रीम कोर्ट के एक जज और मृतक का भाई भी शामिल हुआ। यह पहली बार था जब मृतक के परिवार का कोई सदस्य बातचीत के लिए तैयार हुआ।
यह पूरी बातचीत इस्लामी (शरिया) कानून के तहत हुई थी, जिसमें मृतक के परिवार को दोषी को बिना शर्त या ब्लड मनी लेकर माफ करने का अधिकार होता है।

क्या थे दावे?
ग्रैंड मुफ्ती के दफ्तर ने बयान जारी कर कहा था कि पहले स्थगित की गई मौत की सजा को अब पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। सना में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। सना, यमन की राजधानी है और वहीं की जेल में निमिषा प्रिया बंद हैं।

ब्लड मनी से थी राहत की उम्मीद
निमिषा की सजा के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि ब्लड मनी (दिया) के ज़रिए उन्हें राहत मिल सकती है। ब्लड मनी के तहत, मृतक के परिवार को एक तय आर्थिक मुआवजा दिया जाता है और बदले में दोषी को माफ किया जा सकता है।

हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि मृतक यमनी नागरिक तलाल के परिवार ने ब्लड मनी स्वीकार करने पर सहमति दी है या नहीं। पहले ऐसी खबरें थीं कि मृतक का परिवार मुआवजा लेने से इंकार कर रहा है।

शरिया कानून में माफी का प्रावधान
इस्लामी कानून के अनुसार, पीड़ित परिवार को यह अधिकार होता है कि वह आरोपी को माफ करे या उसे सजा दिलवाए। हत्या के मामलों में सजा-ए-मौत का प्रावधान होता है, लेकिन यदि मृतक का परिवार चाहे तो दिया (ब्लड मनी) के बदले दोषी को माफ कर सकता है। इसका उद्देश्य माफी को बढ़ावा देना और पीड़ित परिवार को आर्थिक राहत के साथ न्याय देना है।

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