
नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाक संघर्ष में कई लोगों की मौत हो गई और पुंछ में अनेकों परिवार उजड़ गए जिसकारण करीब 22 बच्चे ऐसे थे जिन्होने अपने माता-पिता को खो दिया। अब इन 22 अनाथ बच्चों को राहुल गांधी ने गोद ले लिया है और उनकी शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया है। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच करीब चार दिनों तक संघर्ष चला, जिसमें कई और लोगों की मौत हुई।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद संघर्ष की शुरुआत
7 मई को सुबह भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन अटैक किए। यह संघर्ष खासतौर पर पुंछ बॉर्डर के इलाकों में ज्यादा देखने को मिला। 4 दिन तक चले इस तनाव के बाद 10 मई को सीजफायर की घोषणा की गई थी। इस संघर्ष का सबसे बुरा असर पुंछ जिले पर पड़ा। यहां कई हमले हुए और कई परिवार उजड़ गए। इसी संघर्ष में 22 बच्चे ऐसे थे, जिन्होंने अपने माता-पिता या परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खो दिया। अब इन बच्चों की जिम्मेदारी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उठाई है। उन्होंने इन 22 अनाथ बच्चों को गोद लेने और उनकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है।

राहुल गांधी ने पुंछ दौरे पर लिया फैसला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद करा ने बताया कि राहुल गांधी ने इन बच्चों की मदद का निर्णय पुंछ दौरे के बाद लिया। उस दौरान वह स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों से मिले थे। सरकारी रिकॉर्ड और सर्वे के आधार पर उन 22 बच्चों के नाम तय किए गए, जिनके पास अब कोई सहारा नहीं बचा है।
बुधवार को मिलेगी पहली किस्त
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी की ओर से इन बच्चों को बुधवार को पहली किस्त दी जाएगी। यह मदद तब तक जारी रहेगी जब तक बच्चे ग्रेजुएशन पूरा नहीं कर लेते।
स्कूल में बच्चों से मिले थे राहुल
राहुल गांधी ने मई में पुंछ स्थित क्राइस्ट पब्लिक स्कूल का दौरा किया था। यहां उन्होंने 12 साल के जुड़वां बच्चों उरबा फातिमा और जैन अली के परिवार से मुलाकात की, जो हमले में मारे गए थे। राहुल ने बच्चों से कहा था -मुझे तुम पर बहुत गर्व है। मुझे पता है तुम्हें अपने दोस्तों की याद आती है और थोड़ा डर भी लग रहा होगा। लेकिन घबराओ मत, सब कुछ फिर से ठीक होगा। इस हालात का जवाब यही है कि तुम खूब पढ़ो, खेलो और नए दोस्त बनाओ।“





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