नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मिलकर प्रवर समिति के मुद्दे पर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि राज्यसभा के सभापति ‘आप’ सांसद की माफी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे और आगे का रास्ता तलाशने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने आप सांसद की याचिका पर सुनवाई दिवाली की छुट्टियों के बाद करना तय किया।

प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से दिवाली की छुट्टियों के बाद मामले से जुड़े घटनाक्रम से उसे अवगत कराने को कहा।
राघव चड्ढा उस वक्त से निलंबित हैं, जब कुछ सांसदों ने आरोप लगाया था कि आप नेता ने उनकी सहमति के बिना एक प्रस्ताव में उनका नाम जोड़ा। आरोप लगाने वाले ज्यादातर सांसद भाजपा के हैं। प्रस्ताव में विवादास्पद दिल्ली सेवा विधेयक की पड़ताल के लिए एक प्रवर समिति के गठन की मांग की गई थी।
आरएसएस के फ्लैग मार्च मामले में स्टालिन सरकार पहुंची कोर्ट
तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को राज्य में फ्लैग मार्च निकालने की अनुमति देने के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए 6 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया है।


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