सीबीएसई में एक बार फिर लड़कियों ने मारी बाजी

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सीबीएसई में एक बार फिर लड़कियों ने मारी बाजी

-देशभर में 87.98 फीसदी छात्र हुए पास, निजी स्कूल रिजल्ट में पिछड़े

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- देशभर से बारहवीं की परीक्षा में 87.98 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं, जो कि बीते साल के मुकाबले में 0.65 फीसदी ज्यादा है। हर साल की तरह इस बार भी लड़कियां लड़कों के मुकाबले में अव्वल रही हैं। लड़कियों का पास प्रतिशत 91.52 फीसदी और लड़कों का 85.12 फीसदी रहा है, जो कि 6.40 फीसदी ज्यादा है। खास बात यह है कि देशभर के सीबीएसई के 17 रीजन में से सात रीजन का रिजल्ट औसत पास प्रतिशत से भी कम है, जबकि दस रीजन का ज्यादा है। अगले साल बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। इन सात रीजन में देहरादून, पटना, भुवनेश्वर, भोपाल, गुहावटी, नोएडा, व प्रयागराज शामिल हैं।

           सीबीएसई के 17 रीजन के रिजल्ट में त्रिवेंद्रम रीजन 99.91 फीसदी अंकों के साथ टॉप पर रहा है। जबकि सबसे निचले पायदान पर प्रयागराज रहा है, यहां पास प्रतिशत 78.25 फीसदी रहा है। दिल्ली के नतीजों में 2.75 फीसदी का सुधार हुआ है। इस बार यहां का प्रास प्रतिशत 94.97 फीसदी है, जबकि बीते साल 92.22 फीसदी रहा था। भले ही ओवर ऑल रिजल्ट में दिल्ली रीजन ने सुधार किया हो, लेकिन दिल्ली वेस्ट रीजन में बीते साल के मुकाबले में चौथे पायदान से पांचवें पायदान पर आ गया है। इनका पास प्रतिशत 95.64 फीसदी रहा है, जबकि दिल्ली ईस्ट 94.51 फीसदी पास प्रतिशत के साथ छठे स्थान पर है। दिल्ली ईस्ट ने अपना छठी पायदान को बरकरार रखा है।
         सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार, इस साल बारहवीं कक्षा का रिजल्ट 0.65 फीसदी बेहतर है। रिजल्ट में सुधार इसलिए हुए, क्योंकि इस वर्ष परीक्षाओं में 40 फीसदी योग्यता आधारित प्रश्न पूछे गए थे। इनके लिए विद्यार्थी पहले से ही तैयार थे। वहीं, देशभर से इस बार 1,16,145 विद्यार्थियों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जबकि 24,068 विद्यार्थियों के 95 फीसदी से अधिक है। विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए बोर्ड ने इस साल भी टॉपर की घोषणा नहीं की है।

सेंट्रल तिब्बतन स्कूल रहे अव्वल, निजी स्कूल पिछड़े
जवाहर नवोदय स्कूल के बीते साल के दबदबे को पछाड़ते हुए इस बार सेंटर तिब्बत स्कूल अव्वल रहे हैं। इनका पास प्रतिशत 99.23 फीसदी रहा है। जबकि जवाहर नवोदय स्कूल खिसकर कर दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं इनका पास प्रतिशत 98.90 फीसदी रहा है। केंद्रीय विद्यालय 98.81 फीसदी के साथ तीसरे पायदान पर रहे हैं। वहीं, रिजल्ट में देशभर के निजी स्कूल पिछड़ गए हैं।

          बीते साल निजी स्कूल चौथे पायदान पर थे जबकि इस बार खिसक कर सबसे नीचे आ गए हैं। निजी स्कूलों का पास प्रतिशत इस बार 87.70 फीसदी रहा है। सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों ने भी अपने रिजल्ट में सुधार किया है। इस बार वह 91.42 फीसदी के साथ चौथे पायदान पर हैं जबकि बीते साल पांचवें पायदान पर थे। वहीं सरकारी स्कूल का रिजल्ट भी सुधरा है। वह 88.23 फीसदी पास प्रतिशत के साथ छठी पायदान से उछल कर पांचवीं पायदान पर पहुंच गए हैं।

देशभर से कुल 14,26,420 विद्यार्थी हुए पास
देशभर के 18,417 स्कूलों से इस बार बारहवीं में 16,21,224 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे, इनमें से 14,26,420 विद्यार्थी पास हुए हैं। बीते साल ट्रांसजेंडर का रिजल्ट 60 फीसदी था, जो कि इस बार घट कर 50 फीसदी पहुंच गया है। वहीं, चिल्ड्रेन विद स्पेशल नीड (सीडब्लयूएसएन) श्रेणी के 5057 में से 4548 विद्यार्थी पास हुए हैं। इनका पास प्रतिशत 90.62 फीसदी रहा है।

स्कूलों के प्रदर्शन के अनुसार रिजल्ट
-सेंट्रल तिब्बतन विद्यालय- 99.23 फीसदी
-जवाहर नवोदय विद्यालय- 98.90 फीसदी
-केंद्रीय विद्यालय- 98.81 फीसदी
-सरकारी सहायता प्राप्त- 91.42 फीसदी
-सरकारी स्कूल- 88.23 फीसदी
-निजी स्कूल- 87.70 फीसदी

कंपार्टमेंट विद्यार्थियों की संख्या- 1,22,170
पूरे दिल्ली रीजन का पास प्रतिशत- 94.97
दिल्ली में पास हुए विद्यार्थी- 2,80,925
क्षेत्रवार रिजल्ट 2024
त्रिवेंद्रम- 99.91
विजयवाड़ा- 99.04
चैन्नई- 98.47
बैंगलूरू- 96.95
दिल्ली वेस्ट- 95.64
दिल्ली ईस्ट- 94.51
चंडीगढ़- 91.09
पंचकुला- 90.26
पुणे- 89.78
अजमेर- 89.53
देहरादून- 83.82
पटना- 83.59
भुवनेशवर- 83.34
भोपाल- 82.46
गुहावटी- 82.05
नोएडा- 80.27
प्रयागराज- 78.25

कोई मेरिट सूची नहीं
छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए बोर्ड ने इस साल भी कोई मेरिट सूची घोषित नहीं की है। इसके अलावा ना ही टॉपर की घोषणा की है। हालांकि बोर्ड की ओर से उन शीर्ष 0.1 फीसदी विद्यार्थियों को योग्यता प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे जिन्होंने विषयों में उच्चतम अंक प्राप्त किए हैं। मेरिट प्रमाणपत्र संबंधित छात्र के डिजी लॉकर में उपल्बध कराया जाएगा।

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