
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/बादली/झज्जर/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- शनिवार को श्रीश्याम लोकहित समिति के तत्वाधान में गुभाना गांव के लोकहित पुस्तकालय मंे शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर समिति द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक के साथ-साथ समिति के सदस्य दुष्यंत कौशिक, जयभगवान प्रधान, सुनील कौशिक, हिमांशु व प्रवीण के साथ-साथ अनेकों लोगों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये।
श्रद्धांजलि सभा में शहीद चंद्रशेखर की जीवनी पर समिति अध्यक्ष नरेश कौशिक ने प्रकाश डालते हुए कहा कि महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को भाबरा चंद्रशेखर आजाद नगर मध्यप्रदेश में हुआ था। उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में 9 अगस्त 1925 को काकोरी कांड किया और फरार हो गए। इसके पश्चात सन 1927 मैं बिस्मिल के साथ चार प्रमुख साथियों के बलिदान के बाद उन्होंने उत्तर भारत के सभी क्रांतिकारी पार्टियों को मिलाकर एक करते हुए हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन किया तथा भगत सिंह के साथ लाहौर में लाला लाजपत राय की मौत का बदला सांडर्स की हत्या करके लिया। दिल्ली पहुंच कर असेंबली बम कांड को अंजाम दिया। अल्फ्रेड पार्क प्रयागराज इलाहाबाद में पुलिस के साथ गोलीबारी में 27 फरवरी 1931 को वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होने कहा कि शहीदों को याद करने व उनके बलिदान तथा जयंती दिवस पर श्रद्धाजेलि सभा का आयोजन करने से बच्चों में देश प्रेम का संचार होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संमिति हर महापुरूष की जयंती व पुण्यतिथि मनाती है। उन्होने इस अवसर पर दुष्यंत कौशिक, जय भगवान प्रधान, सुनील कौशिक, हिमांशु व प्रवीण का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।





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