राष्ट्रवादी प्रतिभाओं के सम्मान से ही विश्व गुरू बनेगा भारत- प्रो. रतनलाल

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राष्ट्रवादी प्रतिभाओं के सम्मान से ही विश्व गुरू बनेगा भारत- प्रो. रतनलाल

-रामनवमी पर आजादी की अमृत गाथा में आरजेएस फैमिली ने महापुरुषों को दी श्रद्धांजलि.
-उदय मन्ना के नेतृत्व में 14 अप्रैल से शुरू होगी आरजेएस की सकारात्मक भारत-उदय बिहार यात्रा ।
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- वी डी सावरकर और  लाला हरदयाल जैसे क्रांतिकारियों के साथी और 8 भाषाओं के ज्ञाता भारत के प्रथम राष्ट्रवादी इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल के व्यक्तित्व और कृतित्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए समाज और सरकार को आगे आकर काम करना चाहिए। यह कहना है दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर और अंबेडकरनामा के प्रधान संपादक डॉ रतन लाल का। साथ ही उन्होने कहा कि ऐसी राष्ट्रवादी प्रतिभाओं के सम्मान से ही भारत एक बार फिर विश्व गुरू बन सकेगा। राष्ट्रवादियों के विचार नई पीढ़ी तक ले जाने की जिम्मेदारी इस पीढ़ी को है।
                   रविवार को रामनवमी के अवसर पर भगवान महावीर, सम्राट अशोक, महात्मा फुले, डॉ. अंबेडकर, मंगल पांडे, बंकिम चंद्र चटर्जी, प्रफुल्ल चंद्र सेन, और फणीश्वर नाथ रेणु को श्रद्धांजलि देकर आजादी की अमृत गाथा के 63वें कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के संरक्षक और आर जे एस सूचना केंद्र के प्रभारी इंद्राज सिंह सैनी ने किया। चौधरी इंद्राज सिंह सैनी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्र प्रथम भारत एक परिवार विश्व एक घर की बिहार यात्रा में आज के अतिथियों के विचारों को पहुंचाया जाएगा।
                 उन्होंने आरजेएस सकारात्मक भारत उदय बिहार यात्रा की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उदय मन्ना के नेतृत्व में 14 अप्रैल से शुरू होगी आरजेएस की सकारात्मक भारत-उदय बिहार यात्रा। धन्यवाद ज्ञापन प्रियंका सिन्हा ने किया। वहीं सफल संचालन उदय मन्ना ने किया।
                 शिक्षण प्रथम प्रशिक्षण सर्वोत्तम विषय पर आयोजित वेबिनार को राम जानकी संस्थान आरजेएस के राष्ट्रीय संयोजक उदय मन्ना के नेतृत्व में तपसिल जाति आदिवासी प्रकटन्न सैनिक कृषि बिकाश शिल्पा केंद्र गुंटेगेरी, हुगली,पश्चिम बंगाल के सचिव सोमेन कोले ने किया।
                 कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार  में हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. हरि सिंह पाल ने कहा प्रतिभा ज्यादा दिन तक दबाई नहीं जा सकती, संघर्ष के बल पर महापुरुषों ने अपनी जगह बनाई है और  उनके प्रेरक जीवन से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। डॉ. बी आर अंबेडकर कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर सूचित कुमार ने कहा कि न्याय, बंधुता, समानता और स्वतंत्रता के सवाल का हल ही समाज के विकास का प्रथम चरण है। वेबीनार में अतिथि वक्ता आर डी मौर्य ने कहा कि 24 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा में अशोक अष्टमी समारोह आयोजित किया जा रहा है।
                अतिथि वक्ता एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक जे एस राजपूत ने कहा कि भारत के समेकित विकास का रास्ता गांव के सरकारी स्कूलों से निकलेगा जिनकी साख और स्वीकार्यता चिंतनीय है। सरकार नए विश्वविद्यालयों को समुचित शैक्षणिक व्यवस्था के साथ खोलें। अतिथि वक्ता द टेंपल ऑफ अंडरस्टैंडिंग इंडिया फाउंडेशन के महासचिव डॉ एके मर्चेंट ने कहा की बहाई और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ 9 वर्षीय विश्वव्यापी योजना शुरू की गई है। सेवा का क्षेत्र शैक्षणिक है जिसमें व्यक्ति संस्था और समुदाय में मानव जाति के कल्याण की कोशिश की जाएगी। आरजेएस सूचना केंद्र पटेल नगर दिल्ली के प्रभारी सुरजीत सिंह कोहली दीदेवार ने बताया किसी एक का अनुभव दूसरे का ज्ञान होता है। डा आर के गुप्ता, अरूण कात्यायन, विक्रम सिंह आदि ने वेबिनार में अपने विचार रखे। आज के पॉजिटिव स्पीकर्स ओमप्रकाश झुनझुनवाला, प्रेमप्रभा झा, इशाक खान और प्रियंका सिन्हा रहीं।।

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