मानसी शर्मा/- देशभर में विजयादशमी का पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन अचानक हुई तेज बारिश ने कई शहरों में रावण दहन कार्यक्रमों को प्रभावित कर दिया। दिल्ली-एनसीआर, पटना, और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शाम होते ही झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण के विशाल पुतले भीगकर या तो क्षतिग्रस्त हो गए या गिर पड़े। पटना में तो रावण का सिर दहन से पहले ही टूटकर गिर गया, वहीं जौनपुर में रावण का पुतला कमर से पीछे की ओर झुक गया, जिससे कार्यक्रम की भव्यता फीकी पड़ गई।
पीएम मोदी और सोनिया गांधी ने किया कार्यक्रम से किनारा
बारिश की वजह से दिल्ली में कई महत्वपूर्ण रावण दहन आयोजनों में भी बदलाव देखने को मिला। पीएम नरेंद्र मोदी को दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करनी थी, जबकि सोनिया गांधी को लालकिला स्थित नव श्री धार्मिक रामलीला समिति के आयोजन में भाग लेना था। लेकिन खराब मौसम और सुरक्षा कारणों के चलते दोनों नेताओं ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए।
राष्ट्रपति मुर्मू ने निभाई सांकेतिक परंपरा
बारिश के बावजूद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लालकिले के माधवदास पार्क में आयोजित दशहरा समारोह में भाग लिया। उन्होंने रावण दहन की सांकेतिक शुरुआत तीर चलाकर की और अपने संबोधन में कहा कि “दशहरा बुराई पर अच्छाई की, घृणा पर प्रेम की और अहंकार पर विनम्रता की जीत का प्रतीक है।” राष्ट्रपति ने इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों के ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के रावण पर निर्णायक विजय बताते हुए वीरता और बलिदान की सराहना की।


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