बसंत उत्सव में खिला प्रकृति का रंग: फूलों की खुशबू और रचनात्मक गतिविधियों ने बांधा समां

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May 10, 2026

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नई दिल्ली/गुरुग्राम/उमा सक्सेना/-   गुरु गोबिंद सिंह ट्राई सेंटेनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटीयू) का कल्चरल ग्राउंड शुक्रवार को रंग-बिरंगे फूलों, हरियाली और उत्साह से भरे माहौल के कारण किसी विशाल बगीचे से कम नहीं दिखा। बसंत ऋतु के आगमन पर आयोजित ‘बसंत उत्सव’ में प्रकृति का सौंदर्य मानो धरती पर उतर आया हो। सुबह से ही परिसर में फूलों की महक, आकर्षक सजावट और रंगीन स्टॉल्स ने छात्रों, शिक्षकों और आगंतुकों को अपनी ओर खींच लिया। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस आयोजन में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया और हर कोना जीवंतता व ऊर्जा से भर उठा। फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जीवन के उल्लास और प्रकृति के साथ जुड़ाव का संदेश देना रहा।

उत्सव के दौरान फ्लावर एग्जीबिशन के साथ-साथ रंगोली, पोस्टर मेकिंग, वेस्ट से बेस्ट आर्ट, फ्रूट कार्विंग, बुके मेकिंग, इंस्टाग्राम चैलेंज, क्रिएटिव स्टार, स्प्रिंग कॉस्ट्यूम वॉक, समूह नृत्य व गायन जैसी अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्रों और शिक्षकों ने पूरे जोश और रचनात्मकता के साथ भाग लेकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। रंग-बिरंगे फूलों की साज-सज्जा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय कर दिया।

अलवर मंडप बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के पौधों, फूलों, मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, मूंग, मोठ), अचार, शहद, ताजी सब्जियों और इंडोर डेकोरेटिव प्लांट्स के स्टॉल्स पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही, लेकिन अलवर से आए विशेष मंडप ने सबका ध्यान सबसे ज्यादा खींचा। नारी सशक्तिकरण और कौशल विकास की थीम पर आधारित इस स्टॉल ने स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक उन्नति का संदेश दिया। केंद्रीय पर्यावरण, वन मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव के मार्गदर्शन में स्थापित एनजीओ ‘वी शक्ति’ द्वारा लगाए गए इस पंडाल में राजस्थान की संस्कृति और हुनर की झलक साफ दिखाई दी। संस्था की ‘ई-गुरुकुल’, ‘अलवर सांसद खेल उत्सव’ और ‘अलवर टाइगर मैराथन’ जैसी पहलें भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहीं।

बसंत उत्सव ने न केवल प्रकृति और संस्कृति का संगम प्रस्तुत किया, बल्कि छात्रों को रचनात्मकता, सकारात्मकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश भी दिया।

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