न्यायपालिका की स्थिति पर कपिल सिब्बल ने जताई चिंता, कहा सिर शर्म से झूका

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

न्यायपालिका की स्थिति पर कपिल सिब्बल ने जताई चिंता, कहा सिर शर्म से झूका

- कहा- मैं जिस संस्था का सदस्य हूं उसके सदस्यों ने निराश किया है, कब तक न्यायपालिका कानून के शासन के उल्लंघन पर आंखे मूंदे रहेगी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- राज्यसभा के सदस्य और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने न्यायपालिका की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संस्था के कुछ सदस्यों ने हमें निराश किया है और हाल फिलहाल में जो कुछ हुआ है उससे मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। सिब्बल ने कहा कि हालिया वर्षों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उच्चतम न्यायालय की ओर से जिस प्रकार इसकी व्याख्या की गई है, उसे दुर्भाग्य से वह जगह नहीं मिली है, जो इसके लिए संवैधानिक रूप से अनुमत है।
             उन्होंने केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संस्थानों का गला घोंटकर असल में आपातकाल लागू कर दिया गया है और कानून के शासन का दैनिक आधार पर उल्लंघन किया जा रहा है। सिब्बल ने कहा कि मौजूदा सरकार केवल कांग्रेस मुक्त भारत नहीं बल्कि विपक्ष मुक्त भारत चाहती है।
             ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर सिब्बल ने कहा कि इससे अधिक चिंताजनक मुद्दा यह है कि न्यायपालिका के कुछ सदस्यों ने हमें निराश किया है। सिब्बल ने कहा, “मैं जिस संस्था (न्यायपालिका) का 50 साल से हिस्सा हूं, उसके कुछ सदस्यों ने हमें निराश किया है। जो हुआ है, उससे मेरा सिर शर्म से झुक गया है। न्यायपालिका जब कानून के शासन के सामने हो रहे उल्लंघन को लेकर आंखें मूंद लेती है, तो हैरानी होती है कि कानून के शासन की रक्षा के लिए बनाई गई संस्था खुली आंखों से कानून के शासन के उल्लंघन की अनुमति क्यों देती है।“
                सिब्बल ने ’ऑल्ट न्यूज’ के सह-संस्थापक जुबैर की गिरफ्तारी और दिल्ली की एक अदालत की ओर से उनकी जमानत मंजूर नहीं किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चार साल पहले किए ऐसे ट्वीट के लिए व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाना समझ से परे है, जिसका कोई साम्प्रदायिक प्रभाव नहीं हुआ।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox