गोपेश्वर/अनीशा चौहान/- नंदानगर के युवक मनोज बिष्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। दो सप्ताह से लापता मनोज का शव कल घांघरिया के जंगल में पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद आज परिजनों और ग्रामीणों ने जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुँचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनोज की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। उन्होंने कहा कि दो सप्ताह तक लापता रहने के बावजूद पुलिस ने गंभीरता से कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे परिजन और स्थानीय लोग बेहद आहत हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

बताया गया कि बांजबगड़ (नंदानगर) निवासी मनोज बिष्ट, बीते दिनों हेमकुंड साहिब के बेस कैंप घांघरिया से अचानक लापता हो गया था। कल उसका शव जंगल में एक पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। परिजनों ने दावा किया कि शव की स्थिति और घटनास्थल की स्थिति को देखकर यह स्पष्ट है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक साजिशन हत्या है।

मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि मामले की गहराई से जांच हो और अपराधियों को कड़ी सजा दी जाए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।


More Stories
रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा रद्द, केंद्र से नहीं मिली मंजूरी!
ओवरस्टे मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, 2024 में घोषित हुआ था PO
छात्रों की 26 मांगों को लेकर NSUI ने सौंपा ज्ञापन
एसपी ऋषिकेश ने कांवड़ यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण
UGC रोल बैक पर सरकार झुकी, करणी सेना की दो मांगें मंजूर
भूमि बेचने के नाम पर 65 लाख की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार