देश के इतिहास में पहली बार स्पीकर के लिए होगा चुनाव, ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस ने के. सुरेश को उतारा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 30, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

देश के इतिहास में पहली बार स्पीकर के लिए होगा चुनाव, ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस ने के. सुरेश को उतारा

-कल लोकसभा स्पीकर का होगा चुनाव

नई दिल्ली/अनिशा चौहान/- 18वीं लोकसभा के स्पीकर के चुनाव के लिए सर्वसम्मति नहीं हो सकी है। और दशकों बाद फिर चुनाव से फैसला होगा। NDA के ओम बिरला को चुनौती देने के लिए INDIA गठबंधन ने के. सुरेश को उतारा है लोकसभा स्पीकर पद के लिए एनडीए की तरफ से ओम बिरला ने नामांकन किया है। विपक्ष ने भी अपना उम्मीदवार उतार दिया है। इंडिया गठबंधन की तरफ से ‘के. सुरेश’ लोकसभा स्पीकर पद के लिए नामांकन कर दिया है।

कल लोकसभा स्पीकर का होगा चुनाव
बुधवार यानी 26 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव होगा। देश में यह पहली बार होगा, जब स्पीकर पोस्ट के लिए चुनाव होगा।अभी तक सत्ता पक्ष और विपक्ष की सर्वसम्मति से स्पीकर चुना जाता था।

के. सुरेश 8 बार के कांग्रेस सांसद
कोडिकुन्निल सुरेश 8 बार के कांग्रेस सांसद हैं। सुरेश ने मावेलिक्कारा से आठवीं बर सांसद बने। 1989 में पहली बार सांसद बने। 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सरकार में केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री रहे। सुरेश कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। CWC पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव के रूप में भी काम किया है।

के सुरेश ने CPI  के अरुण कुमार को 10 हजार वोटों से हराया था
के सुरेश ने लोकसभा चुनाव 2024 में CPI के अरुण कुमार को 10 हजार वोटों से हराया था. राज्य में सबसे कम वोटों से जीत का अंतर था। यहां सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के पास सभी 7 विधानसभा क्षेत्रों का कब्जा है।

विवादों में रहे सांसद के सुरेश
केरल हाईकोर्ट ने उनकी जाति के आधार पर उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। सीपीआई के आरएस अनिल ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट में तर्क दिया था कि सुरेश ओबीसी चेरामाई ईसाई समुदाय से हैं, न कि चेरामार हिंदू समुदाय से, जो अनुसूचित जाति में आते हैं, इसलिए एससी आरक्षित मावेलिक्कारा सीट से चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया था  
इसके बाद के सुरेश ने सुप्रीम कोर्ट गए. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया और कहा कि के सुरेश मावेलिक्कारा से चुनाव लड़ने के योग्य हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox