दिल्ली में कोविड-19 के आंकड़ों से कही ज्यादा हुई मौते, भ्रमित कर रहे सीएम

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 5, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली में कोविड-19 के आंकड़ों से कही ज्यादा हुई मौते, भ्रमित कर रहे सीएम

-भाजपा ने केजरीवाल की सुव्यवस्था की खोली पोल, -कहा, दिल्ली में कोरोना से हुई राष्ट्रीय औसत से पांच गुना अधिक मौतें

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/-दिल्ली के भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दिल्ली सरकार की सुव्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा कि सरकार सिर्फ बयानबाजी पर ज्यादा ध्यान दे रही है जबकि शहर में केजरीवाल जिस विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की बात कर रहे हैं वह पूरी तरह से अस्त-व्यस्त बनी हुई हैं। उन्होने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वर्ल्डोमीटर वेबसाइट की रिपोर्ट ने शहर में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के सरकार के दावे की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा, ‘‘वर्ल्डोमीटर वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रति दस लाख लोगों पर मृत्यु दर 234 थी। यदि हम 30 मई का आंकड़ा देखें तो दिल्ली में यह आंकड़ा 1,207 का है, जो राष्ट्रीय औसत से पांच गुना ज्यादा है।
                   बीजेपी ने सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में प्रति दस लाख लोगों पर कोविड से हुईं मौत राष्ट्रीय औसत से कई गुना ज्यादा रहीं.। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने जवाब में कहा कि बीजेपी को बहानेबाजी बंद करनी चाहिए और केंद्र को उसकी सरकार को राष्ट्रीय राजधानी में टीके उपलब्ध कराने चाहिए.।
                   आदेश गुप्ता ने कहा, पिक एंड चूज के आधार पर मुख्यमंत्री मृतकों को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित कर रहे हैं। जबकि सैकड़ों ऐसे कोरोना योद्धाओं के परिजन हैं जो मुख्यमंत्री से मदद मांग रहे हैं, लेकिन उन्होंने एक बार भी उनकी सुध लेना जरूरी नहीं समझा। यही नहीं, कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण शहरवासी जब समय पर मेडिकल सुविधा न मिलने पर दम तोड़ रहे थे, तब केजरीवाल इस जद्दोजहद में लगे थे कि इन बिगड़ते हालातों की जिम्मेदारी किसके सिर थोपी जाए.। अन्य राज्यों के मुकाबले दिल्ली में कोरोना से मृत्यु दर प्रति 10 लाख की आबादी पर सबसे अधिक दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री को अपनी गलती मान लेनी चाहिए.।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox