दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी, जमीन बाजार में मच सकता है बड़ा बदलाव

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May 7, 2026

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-जमीन बाजार पर पड़ेगा सीधा असर -17 साल बाद सरकार का अहम फैसला

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    राजधानी दिल्ली से जुड़ी एक बड़ी और असरदार खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार लंबे अंतराल के बाद कृषि भूमि (एग्रीकल्चर लैंड) के सर्किल रेट में बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। करीब 17 वर्षों से सर्किल रेट में कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ था, जबकि मौजूदा दरें बाजार भाव से काफी कम मानी जा रही थीं। सरकार का मानना है कि वास्तविक कीमतों के अनुरूप सर्किल रेट तय करना अब जरूरी हो गया है।

6 से 8 गुना तक बढ़ सकते हैं सर्किल रेट
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित बदलाव लागू होने की स्थिति में दिल्ली के कई इलाकों में कृषि भूमि के सर्किल रेट 6 से 8 गुना तक बढ़ सकते हैं। यह बढ़ोतरी राजधानी के भूमि बाजार में ऐतिहासिक मानी जा रही है और इसका सीधा असर जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर पड़ेगा।

एक एकड़ जमीन की कीमत 5 करोड़ तक पहुंचने की संभावना
नए सर्किल रेट लागू होने के बाद दिल्ली में कृषि भूमि की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि कई प्रमुख इलाकों में एक एकड़ जमीन की कीमत 5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में यह असर ज्यादा देखने को मिलेगा, जहां विकास की संभावनाएं अधिक हैं और जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है।

पूरी दिल्ली में एक समान दरें नहीं होंगी लागू
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कृषि भूमि के लिए पूरे दिल्ली में एक जैसा सर्किल रेट तय नहीं किया जाएगा। गांव, जोन और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग दरें निर्धारित की जाएंगी। इससे हर इलाके की वास्तविक स्थिति के अनुसार मूल्यांकन संभव हो सकेगा।

जहां रिहायशी बस्तियां हैं, वहां मिल सकती है राहत
जिन कृषि भूमि पर पहले से रिहायशी कॉलोनियां या आबादी विकसित हो चुकी हैं, वहां सर्किल रेट अपेक्षाकृत कम रखे जाने की संभावना है। इससे ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और छोटे भू-स्वामियों को कुछ राहत मिल सकती है।

नियमित समीक्षा का भी प्रस्ताव
इस बार दिल्ली सरकार सर्किल रेट को लेकर पुरानी गलती दोहराने के मूड में नहीं है। प्रस्ताव में यह भी शामिल किया गया है कि सर्किल रेट की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में लंबे समय तक दरें जमी न रहें और बाजार के अनुरूप बदलाव होते रहें।

रियल एस्टेट और रजिस्ट्रेशन पर पड़ेगा सीधा असर
कुल मिलाकर, कृषि भूमि के सर्किल रेट में संभावित बढ़ोतरी से दिल्ली के रियल एस्टेट सेक्टर, जमीन की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ना तय माना जा रहा है। आने वाले समय में यह फैसला जमीन बाजार की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है।

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