दिल्ली चुनाव में आधी आबादी के हाथ में सत्ता की चॉबी…!

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली चुनाव में आधी आबादी के हाथ में सत्ता की चॉबी…!

-दिल्ली चुनाव में महिलाओं को लुभाने के लिए सभी राजनीतिक दल कर रहे बड़ी-बड़ी घोषणाऐं

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/शिव कुमार यादव/- दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। जिसे देखते हुए दिल्ली में सभी राजनैतिक दल जनता को लुभाने के लिए एक बाद एक घोषणाऐं कर रहे हैं। हालांकि इस बार चुनाव में भाजपा व आप के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। हालांकि सभी पार्टियों का फोकस आधी आबादी पर बना हुआ है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसबार दिल्ली की सत्ता की चॉबी किसके हाथ है।

एक सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार दिल्ली की सत्ता की चॉबी महिलाओं के हाथों में हैं। हालांकि राजनीतिक पार्टियां भी इस बात को भली-भांति जानती हैं कि इस बार दिल्ली में पूरी बाजी महिलाओं के हाथ में है। जिस लेकर अब सभी पार्टियां बढ़ चढ़कर घोषणाऐं कर रही हैं। पिछले चुनावों में भी आम आदमी पार्टी ने बसों में महिलाओं की फ्री यात्रा की घोषणा कर सत्ता पाई थी तो इसबार कांगेस व भाजपा भी अलग-अलग तरीके से घोषणाऐं कर महिलाओं को लुभाने की कोशिश में लगी है। लेकिन यह कह पाना मुश्किल है दोनो पार्टियों की घोषणाओं का महिलाओं पर कितना असर होगा। क्योकि महिलाओं की माने तो केजरीवाल ने जो कहा था उसे पूरा किया है और दूसरी पार्टियों का क्या भरोसा है कि उनकी घोषणाऐं पूरी होंगी।
महिलाओं का कहना है कि 2014 में मोदी जी ने सभी के खाते में 15 लाख रूपये आने का वादा किया था लेकिन वह पैसा आज तक नही आया है। इसी तरह 2024 के लोक सभा चुनाव में राहुल गांधी ने सभी के खातों में 8 हजार रूपये खटाखट आने की घोषणा की थी लेकिन अव वह छिपते फिर रहे हैं। लेकिन केजरीवाल की महिलाओं के बसों में फ्री यात्रा की योजना आज भी चल रही है जिसकारण महिलाअें का केजरीवाल पर ज्यादा विश्वास जमा दिखाई दे रहा है।

आज भाजपा के सर्वोच्च नेता एवं पीएम मोदी भी दिल्ली में केजरीवाल की सभी फ्री की घोषणाओं को जारी रखने का ऐलान कर रहे है और उन्हे अब कल्याणकारी योजनाऐं बता रहे है लेकिन कुछ समय पहले तक यही भाजपा केजरीवाल की इन योजनाओं को फ्री की रेवड़ी बताकर इनका विरोध कर रही थी। लेकिन सत्ता के लिए आज भाजपा को केजरीवाल की फ्री की रेवड़ी को अब भाजपा कल्याणकारी योजनाऐं बताकर जारी रखने का आश्वासन दे रही है।

इसी तरह कांग्रेस ने कभी भाजपा को दिल्ली की सत्ता में आने से रोकने के लिए आम आदमी पार्टी के लिए समर्पण किया था। तभी से दिल्ली में कांग्रेस पूरी तरह से साफ हो गई है लेकिन इस बार कांग्रेस दिल्ली में अपना दमखम दिखा रही है और दिल्ली न्याय यात्रा के माध्यम से महिलाओं को न्याय दिलाने का काम करने का ऐलान कर रही है। कांग्रेस भी महिलाओं को पेशन, आर्थिक सहायता, गैस सिलेंडर देने की घोषणाऐं कर रही हे और उम्मीद कर रही है कि महिलाऐं उनके पक्ष में वोट करेंगी।
अब दिल्ली चुनाव के मतदान से पहले सभी पार्टियों का फोकस महिला वोटरों पर है। महिलाओं के लिए सभी राजनैतिक दलों ने हर महीने अकाउंट में रुपये डालने की घोषणा भी की है।

लेकिन महिलाऐं किस पार्टी को ज्यादा विश्वसनीय मानती हैं। यानी इन घोषणाओं को लागू करने के लिए महिलाओं को किस पर विश्वास है इसे लेकर अभी भी महिलाओं की पहली पसंद केजरीवाल ही बने हुए हे। हालांकि इसबार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी दिल्ली के मतदाताओं को अपनी यानी मोदी की गारंटी देने की घोषणा कर रहे है। वहीं पीएम मोदी ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सभी कल्याणकारी योजनाओं को सुचारू रूप से लागू रखने का ऐलान किया है। जिसे देखते हुए महिलाए इस बार दिल्ली में सरकार में बदलाव चाहने लगी हैं। अगर यह आंकड़ा बदला तो दिल्ली में पूरी तरह से सरकार बदल जाएगी।

आप की योजनाओं ने महिलाओं को लुभाया
सर्वें के मुताबिक इस बार पुरूष मतदाताओं के बीच कांटे का मुकाबला बना हुआ है लेकिन महिला मतदाताओं के बीच अभी आम आदमी पार्टी की लीड बनी हुई है। महिलाओं के बीच आम आदमी पार्टी में करीब 8-10 फीसदी का गैप बना हुआ है.। अगर ये गैप आने वाले दिनों तक बना रहता है तो आम आदमी पार्टी सरकार बना सकती है। अरविंद केजरीवाल और बीजेपी दोनों ही महिला वोटरों को अपनी ओर लुभाने की कोशिश में जुटी हुई हैं। केजरीवाल को ये बात अच्छे से मालूम है कि बिजली, पानी, मोहल्ला क्लीनिक व फ्री की बस यात्रा जैसी योजनाओं ने पुरूषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा आकर्षित किया है। आने वाले दिनों की सत्ता की इस लड़ाई में सभी राजनैतिक दल महिलाओं की ही बात करेंगे। महिला वोटरों को रिझाने, अपनी ओर आकर्षित करने और उनका टर्नआउट बढ़ाने के इस खेल में सबसे आगे रहने की कोशिश करेंगे।
अब देखना यह है कि दिल्ली की आधी आबादी पीएम मोदी की योजनाओं व घोषणाओं पर भरोसा करती है या फिर केजरीवाल को ही अपना समर्थन देकर आप को एकबार फिर सत्ता की चॉबी सौंपेंगी

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox