दिल्ली की बुराड़ी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में भ्रष्टाचार की होगी जांच ?

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 22, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली की बुराड़ी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में भ्रष्टाचार की होगी जांच ?

एलजी ने एसीबी को दिए अफसरों और दलालों में सांठगांठ की जांच क

नई दिल्ली/- दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने बुराड़ी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में दलालों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच सांठगांठ तथा भ्रष्टाचार की समयबद्ध तरीके से जांच करने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को निर्देश दिया है। आरोप है कि इसके कारण ऑटो रिक्शा चालक प्रभावित हो रहे हैं। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राजधानी दिल्ली की कई ऑटो रिक्शा चालक यूनियन की ओर से आपराधिक रिट याचिका दायर की गई थी, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर यह निर्देश दिया गया है। याचिका में सड़क परिवहन कार्यालय में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और ऑटो रिक्शा चालकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। उपराज्यपाल ने एक महीने में जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। सूत्रों ने कहा कि सतर्कता निदेशालय ने मामले की पड़ताल की थी और पाया कि याचिकाकर्ताओं ने आरटीओ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार तथा ऑटो रिक्शा चालकों को प्रभावित करने वाले कृत्यों के बारे में गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा, “आरोप है कि मोटर लाइसेंस अधिकारी और सड़क परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की साठगांठ से परमिट दिए जा रहे थे। ऑटो चालकों ने शिकायत की थी कि लोन के भुगतान में चूक पर परमिट को अवैध रूप से ट्रांसफर किया जा रहा था। बुराड़ी अथॉरिटी में ऑटो फाइनेंसरों, अनधिकृत डीलरों और दलालों के बीच मिलीभगत के भी आरोप थे।

आपराधिक रिट याचिका पर विचार करते हुए, हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस, परिवहन विभाग और दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय को याचिका को शिकायत के रूप में मानते हुए अपराध के साथ-साथ भ्रष्टाचार के एंगल से मामले की जांच करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को याचिका/शिकायत भेजने का भी निर्देश दिया था।

सतर्कता निदेशालय ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि उक्त शिकायत प्रकृति में “गंभीर“ थी और प्रस्ताव दिया कि इसे एसीबी को भेजा जाना चाहिए, जिसका मुख्य सचिव ने भी समर्थन किया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox