थोक महंगाई में उछाल, सितंबर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का असर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 26, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

थोक महंगाई में उछाल, सितंबर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का असर

मानसी शर्मा /-   सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण सितंबर में थोक महंगाई दर 1.84 फीसदी पर पहुंच गई है। अगस्त में यह 1.31 फीसदी थी, जबकि पिछले साल सितंबर में इसमें सिर्फ 0.07 फीसदी की कमी आई थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में खाद्य महंगाई दर अगस्त के 3.11 फीसदी से बढ़कर 11.53 फीसदी हो गई।

इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह सब्जीयों की महंगाई है, जो सितंबर में 48.73 फीसदी बढ़ी है। अगस्त में इसमें 10.01 फीसदी की गिरावट आई थी। सितंबर में आलू की महंगाई दर 78.13 फीसदी और प्याज की महंगाई दर 78.82 फीसदी पर स्थिर रही। ईंधन और बिजली श्रेणी में सितंबर में 4.05 प्रतिशत की अपस्फीति दर्ज की गई, जबकि अगस्त में यह 0.67 प्रतिशत थी।

सरकार का बयान

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने एक बयान में कहा कि सितंबर, 2024 में मुद्रास्फीति में वृद्धि का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं, खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर, विनिर्माण मशीनरी और की कीमतों में वृद्धि है।

खुदरा मुद्रास्फीति पर RBIकी नजर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति निर्धारित करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर ध्यान केंद्रित करता है। इसी महीने RBIने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य ब्याज दर या रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े भी आज ही जारी किए जाने वाले हैं।

विनिर्मित उत्पादों में कमी

हालांकि, विनिर्मित उत्पादों, जिनका डब्ल्यूपीआई इंडेक्स में 64.2 फीसदी योगदान है, की कीमतों में कमी देखी गई है। इनकी दर अगस्त में 1.22 फीसदी से घटकर सितंबर में 1 फीसदी हो गई। इसका मुख्य कारण वस्त्र, लकड़ी के उत्पादों, रासायनिक और फार्मास्युटिकल उत्पादों, और रबर से बने उत्पादों की कीमतों में कमी है। लेकिन, कारखानों से उत्पादित खाद्य पदार्थों की कीमतों में सितंबर में 5.5 फीसदी का इजाफा देखा गया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox