गांवों की ज़मीन पर बने स्कूलों में गांव के बच्चों को 100% दाखिला मिले: थान सिंह यादव

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August 24, 2026

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गांवों की ज़मीन पर बने स्कूलों में गांव के बच्चों को 100% दाखिला मिले: थान सिंह यादव

-ईडब्ल्यूएस ड्रॉ स्कूलों में हो, फीस में एकरूपता और देहात में ज्यादा सीएमश्री स्कूल खोले सरकार। थान सिंह यादव

नई दिल्ली/- दिल्ली पंचायत संघ ने राजधानी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली सरकार से कई अहम सुधारात्मक मांगें की हैं, खासकर उन पब्लिक स्कूलों को लेकर जो दिल्ली देहात व गांवों और कालोनियो की अधिगृहीत जमीन पर बने हैं।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा है कि जिन स्कूलों का निर्माण गांवों की कृषि भूमि पर हुआ है, वहां के स्थानीय बच्चों को सो फीसद आरक्षण के साथ दाखिला दिया जाना चाहिए। इन मांगों पर जल्द कार्रवाई करें ताकि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती असमानता का प्रभाव दिल्ली देहात गांव ग्रामीणों के बच्चों पर ना हो।

पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा है कि इन स्कूलों में बाहरी बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है जबकि जिस ज़मीन पर स्कूल बना है, उसी गांव के बच्चे दाखिले से वंचित रह जाते हैं। यह स्थिति सामाजिक और शैक्षणिक रूप से अस्वीकार्य है।

स्कूलों में ड्रॉ प्रक्रिया हो पारदर्शी और स्थानीय

संघ ने ऑनलाइन ईडब्ल्यूएस (EWS) दाखिला प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह प्रणाली गरीब और ग्रामीण वर्ग के लिए उलझाऊ और भ्रामक साबित हो रही है। बच्चे अक्सर अपने नजदीकी स्कूल की जगह दूर-दराज के स्कूलों में भेजे जाते हैं, जिससे अभिभावकों को काफी परेशानी होती है।

इसलिए पंचायत संघ ने मांग की है कि सभी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस के तहत दाखिले के लिए ऑनलाइन ड्रॉ बंद किया जाए और स्कूल परिसर में ही पारदर्शी तरीके से, अभिभावकों की उपस्थिति में ड्रॉ निकाला जाए।

“पब्लिक स्कूलों में सामान्य वर्ग के बच्चों के दाखिले हेतू संयुक्त समिति बने”

संघ ने यह भी मांग की है कि सामान्य वर्ग के बच्चों के दाखिले को लेकर एक संयुक्त समिति का गठन प्रत्येक स्कूल में किया जाए, जिससे प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह हो सके। साथ ही, स्कूल से 3 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले बच्चों को दाखिले में 100% प्राथमिकता दी जाए।

“स्कूलों की फीस व अन्य शुल्क में हो समानता”

दिल्ली पंचायत संघ ने पब्लिक स्कूलों द्वारा ली जा रही अलग-अलग फीस, वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। संघ ने दिल्ली सरकार से इन शुल्कों की जांच कर समान और मानकीकृत शुल्क तय करने की मांग की है ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ न पड़े।

देहात और गांवों में सीएमश्री स्कूल खोलने की ज़ोरदार मांग

पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव का कहना है कि दिल्ली देहात और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाएं अब भी शहर की तुलना में कमजोर हैं। ऐसे में इन इलाकों में और अधिक सीएमश्री स्कूल खोले जाने चाहिए ताकि ग्रामीण बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिल सके।

मुख्य मांगें संक्षेप में:

गांव की भूमि पर बने स्कूलों में गांव के बच्चों को 100% दाखिला मिले।

EWS दाखिले की ऑनलाइन प्रणाली बंद कर स्कूलों में ही ड्रॉ निकाला जाए।

सामान्य वर्ग के लिए स्कूल स्तर पर संयुक्त समिति बने।

सभी स्कूलों की फीस, वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क एक समान तय हो।

देहात और गांवों में सीएमश्री स्कूलों की संख्या बढ़ाई जाए।

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