डोनाल्ड ट्रंप पर ‘हश मनी’ केस में सुनवाई का संकट, 10 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश

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September 7, 2026

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डोनाल्ड ट्रंप पर ‘हश मनी’ केस में सुनवाई का संकट, 10 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश

अनीशा चौहान/- अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर शपथ ग्रहण से पहले एक बड़ा संकट मंडरा रहा है। ट्रंप को न्यूयॉर्क के ‘हश मनी’ केस में 10 जनवरी को कोर्ट में पेश होना होगा। इस मामले में ट्रंप को एक पोर्न स्टार को पैसे देकर चुप रहने के लिए दबाव बनाने के आरोप में अदालत में सुनवाई के लिए उपस्थित होना होगा। जहां उन्हें सजा सुनाई जा सकती है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान जेल जाने से बचेंगे ट्रंप

न्यूयॉर्क के जज जुआन मर्चन ने संकेत दिया है कि ट्रंप को जेल नहीं भेजा जाएगा। जज ने अपने आदेश में कहा है कि ट्रंप व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। यह आदेश ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से ठीक एक हफ्ते पहले आया है। ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।

मामले को खारिज करने की मांग

डोनाल्ड ट्रंप और उनकी कानूनी टीम ने इस मामले को खारिज करने की मांग की थी। ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति चुनाव में जीत का हवाला देते हुए इस मामले को राजनीतिक साजिश बताया। उनकी कानूनी टीम ने जज के इस फैसले की आलोचना की और इसे गैर-कानूनी करार दिया। उनका कहना था कि यह मामला तुरंत खारिज किया जाना चाहिए।

34 आरोपों में दोषी करार

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल मई में ट्रंप को 34 आपराधिक मामलों में दोषी पाया गया था। ये मामले 2016 के चुनाव प्रचार के दौरान पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स से जुड़े हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने डेनियल्स को 130,000 यूएस डॉलर की रकम दी थी और इसे छिपाने की कोशिश की थी।

हालांकि, ट्रंप ने इन आरोपों को नकारते हुए खुद को निर्दोष बताया था और कहा था कि यह उनका 2024 का राष्ट्रपति अभियान को नुकसान पहुंचाने की साजिश है।

जज का आदेश और ऐतिहासिक घटनाक्रम

न्यूयॉर्क के जज जुआन मर्चन ने अपने आदेश में कहा कि ट्रंप को जेल की सजा या जुर्माना नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें ‘सशर्त रिहाई’ दी जाएगी। जज ने यह भी कहा कि ट्रंप को सुनवाई के लिए व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से उपस्थित होना होगा।

यह घटना अमेरिकी इतिहास में अभूतपूर्व है, क्योंकि ट्रंप से पहले किसी भी पूर्व या वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति पर किसी अपराध का आरोप नहीं लगा था और न ही किसी को दोषी ठहराया गया था। ट्रंप को अपनी शपथ से ठीक 10 दिन पहले अदालत की सुनवाई में उपस्थित होना होगा, जो एक ऐतिहासिक घटनाक्रम है।

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