प्रयागराज महाकुंभ 2025: डिजिटल युग में एक भव्य आस्था उत्सव

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

प्रयागराज महाकुंभ 2025: डिजिटल युग में एक भव्य आस्था उत्सव

अनीशा चौहान/- 13 जनवरी, 2025 से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला शुरू होने जा रहा है, जो 26 फरवरी तक चलेगा। यह आयोजन न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है। महाकुंभ का महत्व भारतीय संस्कृति में अत्यधिक है, और यह आयोजन कई सदियों से प्रतिवर्ष होता आ रहा है। इस बार का महाकुंभ और भी खास है क्योंकि तकनीकी दृष्टिकोण से इसे और भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं।

महाकुंभ 2025 में नई तकनीकों का समावेश

महाकुंभ के इस संस्करण को डिजिटल युग और श्रद्धा का अद्भुत मिश्रण माना जा रहा है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और मार्गदर्शन के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है।

क्यूआर कोड से मिलेगा हर जानकारी

इस बार महाकुंभ में विभिन्न स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को उनकी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इन क्यूआर कोड्स के माध्यम से प्रशासन, इमरजेंसी हेल्प, होटल, खाना, और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा, हर कोड के साथ एक व्हाट्सएप नंबर भी जुड़ा होगा, जिससे श्रद्धालुओं को रियल टाइम हेल्प मिल सकेगी। इसके साथ ही गूगल मैप्स के जरिए महाकुंभ के सारे रास्ते और प्रमुख स्थल ऑनलाइन देखे जा सकेंगे।

महाकुंभ की निगरानी के लिए हाई-टेक कमांड सेंटर

महाकुंभ की पूरी निगरानी के लिए एक अत्याधुनिक कमांड सेंटर तैयार किया गया है, जिसमें बड़ी स्क्रीन और लाइव वीडियो डेटा की सुविधा होगी। इससे प्रशासनिक अधिकारी हर मूवमेंट पर नजर रख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर त्वरित निर्णय ले सकेंगे। इस सेंटर में स्मार्ट कैमरों और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहेगी।

AI चैटबॉट और भाषिनी ऐप से मिलेगी मदद

महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को अब AI चैटबॉट की मदद से महाकुंभ से जुड़ी तमाम जानकारी प्राप्त होगी। यह चैटबॉट 11 भाषाओं में संवाद करने की सुविधा प्रदान करेगा। श्रद्धालुओं को महाकुंभ की आकर्षण स्थलों, यात्रा, आवास, और अन्य आवश्यक जानकारियों के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। इसके अलावा, ‘भाषिनी’ ऐप का भी निर्माण किया गया है, जो पुलिस अधिकारियों को विभिन्न भाषाओं में श्रद्धालुओं से संवाद करने की सुविधा देगा। यह ऐप खास तौर पर विदेशी श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित होगा।

लॉस्ट एंड फाउंड एरिया का डिजिटल तरीका

कुंभ मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ क्षेत्र भी तैयार किया गया है, जहां खोए हुए लोगों की जानकारी डिजिटल तरीके से प्राप्त की जा सकेगी।

सीएम योगी का संकल्प

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 को लेकर एक बयान में कहा कि यह आयोजन भारत की समेकित आस्था, सर्वसमावेशी संस्कृति और अटूट एकता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महाकुंभ के आयोजन में स्वच्छता, सुरक्षा, और सुव्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य सरकार महाकुंभ को डिजिटल और भव्य बनाने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।

महाकुंभ 2025 में आस्था, संस्कृति और तकनीकी नवाचार का संगम देखने को मिलेगा, जो इसे और भी अद्वितीय और ऐतिहासिक बना देगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox