डोंगरगढ़/शिव कुमार यादव/- जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज ने छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में करीब ढ़ाई बजे रात को समाधि ली। जैन मुनि का डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी पर्वत पर अंतिम संस्कार किया गया। तीन दिन उपवास के बाद उन्होंने शरीर त्याग दिए। जैन मुनि के सम्मान में छत्तीसगढ़ की सरकार ने आधे दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।

चंद्रगिरी पर्वत पर अंतिम संस्कार के समय जैन मुनि को श्रद्धाजंलि देने वालों का तांता लगा हुआ था। समाधि से पहले जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज ने आचार्य पद का त्याग कर दिया था और तीन दिन का उपवास और मौन धारण कर लिया था।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, “इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी राज्य समारोह या कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
राजस्थान के सीएम ने जताया दुःख
राजस्थान के मुख्यमंत्री कहा कि संत शिरोमणि आचार्य भगवंत गुरुदेव प्रवर श्री 108 विद्यासागर महामुनिराज जी की संलेखना पूर्वक समाधि का समाचार अत्यंत दुःखद व पीड़ादायक है। पूज्य आचार्य भगवंत जी तप, ज्ञान, संयम, आराधना और करुणा की प्रतिमूर्ति थे। पूज्य आचार्य भगवंत जी के श्रीचरणों में कोटि – कोटि नमन।’

प्रधानमंत्री ने भी दी श्रद्धांजली
प्रधानमंत्री ने कहा कि ’यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे निरंतर उनका आशीर्वाद मिलता रहा। पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ के चंद्रगिरी जैन मंदिर में उनसे हुई भेंट मेरे लिए अविस्मरणीय रहेगी। तब आचार्य जी से मुझे भरपूर स्नेह और आशीष प्राप्त हुआ था। समाज के लिए उनका अप्रतिम योगदान देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।’

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन जैन संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी, कई राज्यों के सीएम और केंद्रीय मंत्रियों के साथ अन्य पार्टी के नेताओं के मौजूदगी में एक मिनट का मौन रखा गया।


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