जागो पार्टी ने प्रधानमंत्री से किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की

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जागो पार्टी ने प्रधानमंत्री से किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की

-जागो पार्टी के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा पत्र
Jago Manjeet Singh

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में पिछले 6 महीने से किसान धरने पर बैठे हैं। जिसे देखते हुए जागो पार्टी के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखाकर प्रधानमंत्री से तुरंत किसानों से बातचीन दौबारा शुरू करने और  पिछले प्रदर्शनों के दौराना किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापिस लेने की मांग की है। उन्होने प्रधानमंत्री को चुनावी घोषणा पत्र भी याद दिलाया। उन्होने कहा कि किसानों से बातचीत करने का माहौल बनाना सरकार के हाथ में है। इसके लिए उन्होने देशहित में किसानों के योगदान को भी याद दिलाया।  
                      मनजीत सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर सर्दी, तूफान, बरसात, गर्मी और कोरोना की मार झेल रहे किसानों के हौसले अब अपनी मांगों को लेकर काफी बुलंद हैं। उन्होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को याद दिलाया कि जब देश अन्न की कमी से जूझ रहा था तो पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान-जय किसान का नारा बुलंद किया था और देखते ही देखते किसानों ने देश में हरित क्रांति की लहर लाकर देश को अन्न में आत्मनिर्भर बना दिया था। हालांकि उसके बदले किसानों को उनका हक नसीब नहीं हुआ। उन्होने कहा कि आज एक बार फिर देश के किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
                   श्री जीके ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को चुनावी घोषणा पत्र की याद दिलाते हुए कहा कि देश के किसानों को आपने आय दोगुनी करने का वादा किया था पर आज कृषि क्षेत्र में बढ़ते व्यावसायिक हितों की वजह से किसान अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक साहिब ने खुद खेती की थी, जबकि पहला सिख राज स्थापित करने वाले महान सेनापति बाबा बंदा सिंह बहादर ने भूमिहीन किसानों को जमीनें देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया था। इसी महान शख्सियत की शहीदी की तीसरी शताब्दी के मौके 3 जुलाई 2016 को आपने दिल्ली में हुई विशाल जनसभा में हिस्सा भी लिया था तथा बाबा बंदा सिंह बहादर की इंसाफ करने की सोच की सराहना करते हुए ट्वीट भी किया था। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री होने के नाते 6 महीने लंबे इस वैचारिक टकराव को टालने की पहलकदमी आपको करनी चाहिए ताकि खेत में काम करता किसान और देश की सीमा पर डटा जवान राहत महसूस कर सकें। उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ दर्ज किए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। यह हमारी समाजवादी अर्थव्यवस्था तथा उदारवादी भारतीय संस्कृति के लिए अच्छा कदम होगा। यदि अन्नदाता खुशहाल होगा तो देश भी खुशहाल होगा, क्योंकि भारत की ज्यादा आबादी गांवों में बसती है।

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