गणतंत्र दिवस परेड 2025ः लगातार दूसरी बार दिल्ली पुलिस ने जीती सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल ट्रॉफी

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गणतंत्र दिवस परेड 2025ः लगातार दूसरी बार दिल्ली पुलिस ने जीती सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल ट्रॉफी

-अनुशासन और टीम वर्क के दम पर दिल्ली पुलिस मार्चिंग दल की है यह 17वीं जीत -जवानों के कदमों की तालमेल, समरूपता और संतुलन के लिए लिया एआई तकनीक का सहारा

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली पुलिस मार्चिंग दल ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लौहा मनवाते हुए गणतंत्र दिवस परेड-2025 में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल की ट्रॉफी जीती है। यह दिल्ली पुलिस की 17वीं जीत है, जो इसके अनुशासन, समर्पण और टीम वर्क को दर्शाती है। इससे पहले, वर्ष 2024 में दिल्ली पुलिस महिला मार्चिंग दल ने यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती थी। दिल्ली पुलिस ने इससे पहले 2021 और 2006 में भी यह सम्मान प्राप्त किया था। दिल्ली पुलिस मार्चिंग दल का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) ऋषि कुमार सिंह, आईपीएस ने किया। दल में 03 सब-इंस्पेक्टर, 44 हेड कांस्टेबल और 100 कांस्टेबल शामिल थे। लाल साफा पहने हुए छह फीट से अधिक कद के जवानों ने अपनी बेहतरीन तालमेल और अनुशासन के साथ कर्तव्य पथ पर शानदार प्रदर्शन किया।

दिल्ली पुलिस महिला बैंड की प्रभावशाली प्रस्तुति
नवगठित दिल्ली पुलिस ऑल-वुमेन बैंड ने भी गणतंत्र दिवस परेड में दूसरी बार भाग लिया और अपनी मधुर धुनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड मास्टर रुइयांगुनुओ केंसे के नेतृत्व में इस दल में 04 महिला सब-इंस्पेक्टर और 64 महिला कांस्टेबल शामिल थीं, जिन्होंने उच्च स्तर की सटीकता के साथ प्रदर्शन किया।

।प् तकनीक का किया गया उपयोग
दिल्ली के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार  इस शानदार प्रदर्शन के लिए मार्चिंग दल ने नवंबर 2024 से एनपीएल परेड ग्राउंड, दिल्ली में रोजाना छह घंटे का कड़ा प्रशिक्षण लिया। 3 जनवरी 2025 से कर्तव्य पथ पर अंतिम रिहर्सल शुरू हुई। इस बार परेड की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे जवानों के कदमों की तालमेल, समरूपता और संतुलन को बेहतर किया गया। प्रशिक्षकों ने रिकॉर्डेड वीडियो और छवियों का विश्लेषण कर सटीक फीडबैक दिया, जिससे प्रदर्शन में और निखार आया।

मार्चिंग दल को मुख्य ड्रिल प्रशिक्षक इंस्पेक्टर रमेश तुशीर द्वारा प्रशिक्षित किया गया। इसके प्रशिक्षण और समन्वय में विशेष पुलिस आयुक्त (सशस्त्र पुलिस) नीरज ठाकुर, संयुक्त पुलिस आयुक्त एम.एन. तिवारी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राकेश बंसल, पुलिस उपायुक्त (4वीं बटालियन)  कृष्ण कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त घनश्याम मीणा और भगवती प्रसाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा. पूरी प्रक्रिया दिल्ली पुलिस आयुक्त  संजय अरोड़ा, आईपीएस के समग्र निर्देशन में संपन्न हुई। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति से जवानों का मनोबल भी बढ़ा।

दिल्ली पुलिस की गौरवशाली परंपरा जारी
दिल्ली पुलिस 1950 से हर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेती आ रही है और 2025 की यह जीत उसकी अनुशासन और उत्कृष्टता की परंपरा को और मजबूत करती है। अपने आदर्श वाक्य “शांति, सेवा और न्याय” के साथ, दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभा रही है।

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