मानसी शर्मा / – भारत आज गर्व से अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, आज सभी सशस्त्र बलों ने कर्तव्य पथ पर अपनी ताकत दिखाई। देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। गणतंत्र दिवस को लेकर लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। दरअसल, संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था और फिर 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ और भारत एक गणतंत्र बन गया। इस दिन को याद करने के लिए हर साल 26 जनवरी को देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।
हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत के राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं। वहीं 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं। राष्ट्रपति जहां देश का प्रमुख होता है, वहीं प्रधानमंत्री केंद्र सरकार का प्रमुख होता है। भले ही ध्वजारोहण और ध्वजारोहण एक जैसे शब्द लगते हों। लोग दोनों को एक ही समझते हैं। हालाँकि, इन दोनों शब्दों में बहुत अंतर है। आइए आज जानते हैं इन दोनों के बीच क्या अंतर है।
ध्वजारोहण और ध्वजारोहण में क्या अंतर है?
दरअसल, ध्वजारोहण और ध्वजारोहण के बीच महत्वपूर्ण अंतर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के दौरान तिरंगे को रखने में होता है। गणतंत्र दिवस के दौरान तिरंगे झंडे को मोड़कर या घुमाकर खंभे पर बांध दिया जाता है। झंडे को पोल पर ऊपर की ओर बांधा गया है। राष्ट्रपति एक डोरी को खींचते हैं, उसे खोलते हैं और फहराते हैं, जिसे ध्वज फहराना कहते हैं। अंग्रेजी में इसे फ्लैग अनफर्लिंग कहा जाता है, जिसका हिंदी में सीधा मतलब झंडा फहराना होता है।
वहीं स्वतंत्रता दिवस के दौरान तिरंगे झंडे को नीचे से ऊपर की ओर खींचा जाता है, जिसे ध्वजारोहण कहा जाता है। एक तरह से कहें तो तिरंगा झंडा पोल पर नीचे से ऊपर की ओर लहराता है। झंडे को रस्सी की सहायता से नीचे से ऊपर की ओर खींचा जाता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं। अंग्रेजी में झंडा फहराने को ध्वज फहराना कहते हैं।
दोनों का मतलब क्या है?
झंडा फहराना यह दर्शाता है कि हमारा देश संविधान में दिए गए सिद्धांतों और नियमों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहा है। इसे भारत के अंग्रेजों के चंगुल से आज़ाद होने और एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बनने के रूप में भी देखा जाता है। वहीं, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण एक नए देश के उदय का प्रतीक है। ध्वजारोहण हमें औपनिवेशिक शासन से मुक्ति का भी संकेत देता है।


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