खांसी की दवा पर सख्त कार्रवाई, हरियाणा सरकार ने लगाया तत्काल प्रतिबंध

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August 7, 2026

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नई दिल्ली/चंडीगढ़/उमा सक्सेना/-  बच्चों की सेहत से जुड़े एक गंभीर मामले में हरियाणा सरकार ने खांसी की एक और दवा पर रोक लगा दी है। राज्य में प्रचलित बच्चों की खांसी की दवा अलमोन्ट-किड (लेवोसिट्रिज़िन और मोंटेलुकास्ट सोडियम सिरप) को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पाए जाने के बाद इसकी खरीद, बिक्री और वितरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। जांच में दवा में तय मानकों से अधिक एथिलीन ग्लाइकोल की मौजूदगी सामने आई है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

जांच में सामने आई गंभीर खामी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई लैब जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अनुमेय सीमा से कहीं अधिक है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह रसायन विशेष रूप से बच्चों के लिए बेहद घातक हो सकता है और इसके सेवन से किडनी फेल होने सहित जान को खतरा तक पैदा हो सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर त्वरित फैसला
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के निर्देश के बाद विभाग ने बिना देरी किए इस दवा पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी तरह की घटिया या मानकविहीन दवाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

बाजार से दवा हटाने के आदेश
सरकार ने ड्रग कंट्रोल विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस सिरप के सभी स्टॉक को तुरंत बाजार से हटाया जाए। दवा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं और मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंधित दवा की बिक्री पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों को सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले उसकी जानकारी अवश्य लें और यदि इस सिरप का सेवन पहले किया गया हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही, राज्यभर में अन्य दवाओं की गुणवत्ता को लेकर निगरानी और जांच प्रक्रिया और तेज करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

यह कार्रवाई एक बार फिर दवाओं की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार की सख्ती को दर्शाती है।

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