डिलीवरी कॉल से USSD ठगी का नया जाल, एक कोड और खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

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May 18, 2026

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नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   साइबर ठगों ने डिजिटल फ्रॉड का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका ईजाद किया है, जिसमें महज एक छोटा सा USSD कोड डायल करवाकर लोगों का बैंक खाता खाली किया जा रहा है। ठग खुद को डिलीवरी एजेंट बताकर कॉल करते हैं और नंबर वेरिफिकेशन के बहाने यूजर को एक कोड डायल करने के लिए कहते हैं। जैसे ही यह कोड डायल किया जाता है, मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग ठगों के नंबर पर एक्टिव हो जाती है और यूजर को इसकी भनक तक नहीं लगती।

I4C ने जारी की चेतावनी
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने इस नए “USSD कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम” को लेकर अलर्ट जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक, यह ठगी किसी लिंक या ऐप के जरिए नहीं, बल्कि सीधे टेलीकॉम नेटवर्क लेवल पर होती है, जिससे इसका पता लगाना और भी मुश्किल हो जाता है।

क्या होता है USSD और कैसे होता है दुरुपयोग?
USSD यानी Unstructured Supplementary Service Data एक ऐसी टेक्स्ट आधारित सर्विस है, जो बिना इंटरनेट के काम करती है। इसका इस्तेमाल बैंकिंग सेवाओं, बैलेंस चेक और मोबाइल नेटवर्क की कई सुविधाओं के लिए किया जाता है। कॉल फॉरवर्डिंग जैसी सेवाएं भी इन्हीं कोड्स से कंट्रोल होती हैं। ठग इन्हीं कोड्स का इस्तेमाल कर यूजर की कॉल्स अपने नंबर पर फॉरवर्ड करवा लेते हैं, जिससे बैंक से आने वाले OTP और वेरिफिकेशन कॉल सीधे अपराधियों तक पहुंच जाते हैं।

कौन बन रहे हैं आसान शिकार?
इस स्कैम के निशाने पर वे लोग ज्यादा हैं, जो ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। डिलीवरी से पहले कॉल आना आम बात है, इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठग बड़ी आसानी से लोगों को झांसे में ले लेते हैं।

कैसे चलता है पूरा खेल?
विशेषज्ञों के अनुसार, यूजर का फोन सामान्य तरीके से काम करता रहता है, लेकिन बैकग्राउंड में उसकी कॉल्स किसी और नंबर पर डायवर्ट हो चुकी होती हैं। इस दौरान बैंकिंग ट्रांजैक्शन, वॉइस OTP और वेरिफिकेशन कॉल ठग सुन लेते हैं और खाते से पैसे निकाल लेते हैं।

इन संकेतों से पहचानें खतरा
अगर आपके फोन पर अचानक कॉल्स आना बंद हो जाएं, आपका नंबर अनरीचेबल बताया जाए, बैंक या मैसेजिंग ऐप्स से वॉइस OTP कॉल न आएं, या स्क्रीन पर कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव होने का मैसेज दिखे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

इन USSD कोड्स का हो रहा गलत इस्तेमाल
जानकारों के मुताबिक, ठग अक्सर ऐसे कोड्स का इस्तेमाल करते हैं जिनसे सभी कॉल्स या विशेष स्थिति में कॉल फॉरवर्ड हो जाती हैं, जैसे बिना शर्त कॉल फॉरवर्डिंग या बिजी/न उठाने की स्थिति में कॉल डायवर्जन वाले कोड।

कैसे करें खुद को सुरक्षित?
साइबर एक्सपर्ट्स LBW नियम अपनाने की सलाह देते हैं।
L (Law Enforcement): तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।
B (Bank): किसी भी संदिग्ध लेन-देन पर तुरंत अपने बैंक को सूचित करें।
W (Wipe): फोन से छेड़छाड़ का शक हो तो जरूरी डेटा सुरक्षित कर डिवाइस रीसेट करें और सभी पासवर्ड बदल दें।

सावधानी ही इस नए डिजिटल फ्रॉड से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

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