कारोबारी गोपाल खेमका की नृशंस हत्या, राजधानी में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

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कारोबारी गोपाल खेमका की नृशंस हत्या, राजधानी में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

पटना/अनीशा चौहान/-  बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार देर रात घटी चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। गांधी मैदान क्षेत्र स्थित उनके आवास के समीप एक शूटर ने बेहद नजदीक से कनपटी में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। शुरुआती जांच में यह एक पूर्व-नियोजित साजिश प्रतीत हो रही है, जिसमें शूटर के साथ दो लाइनरों की भूमिका भी सामने आई है।

घटना के बाद से ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है और कई अहम सुराग जुटाए हैं। बेऊर जेल से इस हत्याकांड के तार जुड़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

चाय की दुकान से शुरू हुई साजिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या से पहले दलदली रोड की एक चाय दुकान पर शूटर और दोनों लाइनर जमा हुए थे। चाय पीने के बाद शूटर खेमका के आवास के पास पहुंचा, जबकि एक लाइनर बांकीपुर क्लब और दूसरा बिस्कोमान भवन के पास नजर रखे हुए था।

जैसे ही खेमका अपनी कार से उतरकर गेट की ओर बढ़े, शूटर ने बिलकुल करीब से गोली मार दी और घटनास्थल से भाग निकला। वह जेपी गंगा पथ होते हुए सोनपुर की ओर फरार हो गया। पुलिस को शक है कि इस घटना में विजय नामक शूटर शामिल है, जो पहले से हत्या के एक मामले में बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से फरार है। विजय पहले एक गैंग में था और अब किसी नए गिरोह से जुड़ चुका है।

बेऊर जेल से निकला कनेक्शन, जांच का दायरा बढ़ा
हत्या के बाद पुलिस ने हाजीपुर, सोनपुर और छपरा में छापेमारी की है और अब तक 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा चुके हैं। बेऊर जेल में हुई छापेमारी में तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिसके चलते तीन कक्षपालों को निलंबित कर दिया गया है।

खास बात यह रही कि खेमका की शव यात्रा में माला लेकर पहुंचे रोशन कुमार को भी संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, जिनमें जेल में बंद गैंगस्टर अजय वर्मा का नाम भी शामिल है।

मुख्यमंत्री की निगरानी में जांच, जल्द खुलासा संभव
राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने इस मामले को गंभीर और जटिल बताते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीजीपी का दावा है कि शूटर की पहचान हो चुकी है और पुलिस उसके बेहद करीब है।

हालांकि, राजधानी में इस तरह की हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मगर पुलिस व एसआईटी की टीमें इस मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए लगातार सुरागों को जोड़ने में लगी हैं। जल्द ही इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं से पर्दा उठने की संभावना है।

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