डेंगू से जंग को मिलेगी ताकत, 2027 तक भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन तैयार

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July 26, 2026

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डेंगू से जंग को मिलेगी ताकत, 2027 तक भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन तैयार

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-  भारत जल्द ही डेंगू के खिलाफ अपनी पहली स्वदेशी वैक्सीन लेकर आने वाला है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और एक भारतीय बायोटेक कंपनी मिलकर इस वैक्सीन को विकसित कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैक्सीन 2027 तक बाजार में उपलब्ध हो सकती है। इस समय वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल जारी है और यह डेंगू के सभी चार सीरोटाइप्स के खिलाफ प्रभावी होने की संभावना रखती है।

डेंगू वैक्सीन की ताकत और प्रभाव
डेंगू एक गंभीर मच्छरजनित रोग है, जो हर साल भारत में हजारों लोगों को प्रभावित करता है और सैकड़ों की जान ले लेता है। यह स्वदेशी वैक्सीन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना मजबूत बनाएगी कि संक्रमण गंभीर रूप न ले सके। हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. समीर भाटी के अनुसार, यह एक टेट्रावैलेंट वैक्सीन होगी, यानी यह डेंगू के चारों प्रकार के वायरस से सुरक्षा प्रदान करेगी।

वैक्सीन का परीक्षण भारत में ही विभिन्न आयु वर्गों पर किया जा रहा है। ट्रायल पूरा होने के बाद इसे ड्रग रेगुलेटर से मंजूरी दिलवाने की प्रक्रिया शुरू होगी। खासकर यह वैक्सीन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम
यह डेंगू वैक्सीन ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान का एक बड़ा उदाहरण है। पूरी तरह भारतीय तकनीक और संसाधनों से बनी यह वैक्सीन देश को डेंगू के खिलाफ एक नई ताकत देगी।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीन आने के बाद भी साफ-सफाई, मच्छर नियंत्रण और जागरूकता जरूरी बनी रहेगी, क्योंकि कोई भी वैक्सीन 100% सुरक्षा की गारंटी नहीं देती।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका
इस स्वदेशी वैक्सीन से न केवल भारत में डेंगू के मामलों में कमी आएगी, बल्कि यह भारत की वैज्ञानिक और चिकित्सा क्षेत्र की क्षमता को भी वैश्विक स्तर पर उजागर करेगी। यदि यह प्रयास सफल होता है, तो भारत न केवल अपने नागरिकों को सुरक्षित करेगा, बल्कि भविष्य में डेंगू प्रभावित अन्य देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।

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