कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव होगा दिलचस्प, गहलोत बनाम जी-23 में मुकाबले के बने आसार

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव होगा दिलचस्प, गहलोत बनाम जी-23 में मुकाबले के बने आसार

-गांधी परिवार रहेगा चुनाव से बाहर!

नई दिल्ली/- कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन शुरू होने में 9 दिनों का ही वक्त बचा है, लेकिन पार्टी फिलहाल राहुल गांधी की लीडरशिप में चल रही भारत जोड़ो यात्रा में बिजी है। इस बीच चर्चा है कि कांग्रेस हाईकमान ने अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार का चयन कर लिया है और वह होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। चर्चाएं इस बात की भी हैं कि अशोक गहलोत के मुकाबले शशि थरूर या फिर जी-23 का कोई अन्य नेता अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो लंबे समय बाद ऐसा होगा, जब कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की स्थिति होगी। ऐसा कांग्रेस के इतिहास में दो बार ही हुआ है कि बागी होकर नामांकन करने वालों को अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत मिली हो।
                नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पुरुषोत्तम दास टंडन ने ही विजय हासिल की थी। हालांकि बोस को महात्मा गांधी और टंडन को नेहरू के विरोध के चलते हटना पड़ गया था। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि हाईकमान को लगता है कि अशोक गहलोत गैर-गांधी चेहरे के तौर पर परफेक्ट होंगे। इसकी वजह यह है कि वह ओबीसी समाज से आते हैं। राजस्थान के तीन बार सीएम रहे हैं और कांग्रेस के भीतर भी उनका बड़ा कद है। सबसे बढ़कर यह कि वह सोनिया, राहुल गांधी और प्रियंका तीनों के ही करीबी नेता माने जाते हैं। ऐसे में उन्हें उतारकर हाईकमान किसी भी तरह का रिस्क नहीं महसूस करेगा।
                चर्चाएं तो यहां तक हैं कि 24 से 30 सितंबर के बीच अशोक गहलोत कभी भी नामांकन कर सकते हैं। ऐसा होता है तो फिर एक और घटनाक्रम पर सबकी नजर होगी कि उनके बाद राजस्थान के सीएम कौन होगा। अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट का नाम चर्चा में जरूर रहा है, लेकिन खुद सीएम अपना उत्तराधिकारी ऐसा चुनना चाहते हैं, जो उनका भरोसेमंद हो। ऐसे में अध्यक्ष पद के साथ ही कांग्रेस में राजस्थान के सीएम के लिए भी रार देखने को मिल सकती है। कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में बैलेंस बनाने के लिए अशोक गहलोत के बेटे वैभव को नए सीएम के अंडर में मंत्री बना सकता है। इसके अलावा अशोक गहलोत को राज्यसभा भी भविष्य में भेजा जा सकता है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox