एससी के आदेश के बाद खुलने लगा गाजीपुर बार्डर, हटने लगी झोपड़ी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एससी के आदेश के बाद खुलने लगा गाजीपुर बार्डर, हटने लगी झोपड़ी

-किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा रास्ता हमने नही दिल्ली सरकार ने रोक रखा है, अब पार्लियामेंट पर बैठेंगे किसान

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गाजीपुर बार्डर/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गाजीपुर बार्डर से झुग्गियां हटनी शुरू हो गई हैं। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर बैठे किसानों ने सर्विस रोड से बनाई अपनी झोपड़ी हटा दी है। कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस इसे हटाने पहुंची थी। इस बीच राकेश टिकैत ने कहा कि रास्ता हमने नहीं दिल्ली सरकार ने रोक रखा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा था कि किसानों को प्रदर्शन का अधिकार है लेकिन वे सड़क नहीं रोक सकते।                                                                                                                                                                                                                  
                    मीडियाकर्मी ने किसान नेता राकेश टिकैत से पूछा क्या सब कुछ हटा देंगे? इस पर उन्होंने कहा कि हां सब हटा देंगे, इसके बाद दिल्ली जा रहे हैं और पार्लियामेंट पर बैठेंगे, जहां यह कानून बनाया गया है। हमें तो दिल्ली जाना है। इस वक्त मौके पर काफी संख्या में किसान मौजूद हैं और सर्विस रोड पर लगे टैंट और दूसरा सामान हटाना शुरू कर दिया है।
                    यहां बता दें कि गुरुवार को सड़कों पर विरोध कर रहे किसानों को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसके कौल ने कहा कि सड़कें क्लियर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बार-बार कानून तय करते नहीं रह सकते। आपको आंदोलन करने का अधिकार है, मगर सड़क अनिश्चितकाल के लिए ब्लॉक नहीं कर सकते। अब कुछ समाधान निकालना होगा। हमें सड़क जाम के मुद्दे से समस्या है।
                     दरअसल, याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाली सड़कें किसान आंदोलन के चलते बंद हैं और इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सड़कों को खोला जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार से कहा था कि आखिर अब तक सड़कें बंद क्यों हैं। प्रदर्शन करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन सड़कें ब्लॉक नहीं होनी चाहिए।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox