एलन मस्क की कंपनी एक्स ने भारत सरकार पर किया मुकदमा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एलन मस्क की कंपनी एक्स ने भारत सरकार पर किया मुकदमा

आईटी अधिनियम के दुरुपयोग का लगाया आरोप

प्रियंका सिंह/- एलन मस्क की कंपनी ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) ने भारत सरकार के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया है। कंपनी ने आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। यह कदम तब उठाया गया जब उसके एआई चैटबॉट ग्रोक द्वारा हिंदी में अपशब्दों और गलत भाषा के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार जांच करने की तैयारी कर रही थी।

‘एक्स’ ने अपनी याचिका में कहा है कि सरकार अवैध सामग्री को हटाने के लिए आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) का उपयोग कर रही है, जो कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लंघन करती है। कंपनी का कहना है कि यह धारा ऑनलाइन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करती है और बिना उचित प्रक्रिया के सेंसरशिप लगाने के लिए इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। ‘एक्स’ ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार ने समानांतर कंटेंट को रोकने के लिए इस धारा का गलत इस्तेमाल किया है, जबकि 2015 के श्रेया सिंघल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा था कि कंटेंट को केवल उचित न्यायिक प्रक्रिया के तहत रोका जा सकता है।

आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) क्या कहती है?

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (आई एंड बी) का कहना है कि आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों को अदालत के आदेश या सरकारी अधिसूचना के जरिए अवैध सामग्री को हटाने का निर्देश देती है। अगर कोई प्लेटफॉर्म 36 घंटे के भीतर ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जा सकता है, जिसमें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) भी शामिल है।

ग्रोक द्वारा अपशब्दों के प्रयोग पर सरकार की जांच

वहीं, ‘एक्स’ ने यह कदम तब उठाया जब एआई चैटबॉट ग्रोक द्वारा हिंदी में अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस मामले की जांच की तैयारी में है और वह यह देखेगा कि किन कारणों से ग्रोक ने ऐसे शब्दों का उपयोग किया। यह घटना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बहस का कारण बनी है और एआई के भविष्य पर सवाल उठाए गए हैं।

‘एक्स’ ने सरकार के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए यह दावा किया है कि सरकार को ऑनलाइन सामग्री पर मनमाना नियंत्रण नहीं होना चाहिए और उसे पहले उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox