एमसीडी बजट में आप के मुखिया व मेयर गांवों के लिए रियायतें दें: पंचायत संघ

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एमसीडी बजट में आप के मुखिया व मेयर गांवों के लिए रियायतें दें: पंचायत संघ

बजट में रियायतें नहीं देने पर आप के खिलाफ मेयर चुनाव में अभियान चलाया जाएगा: थान सिंह यादव

नजफगढ़/शिव कुमार यादव/- दिल्ली पंचायत संघ ने आगामी एमसीडी बजट को लेकर पंच प्रमुखों के साथ पंचायत की, जिसमें आम आदमी पार्टी के मुखिया और एमसीडी मेयर से मांग की कि एमसीडी के आगामी बजट में दिल्ली के सभी गांवों को हाउस टैक्स, कन्वर्जन चार्ज और पार्किंग चार्ज से मुक्त रखा जाए। साथ ही, रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए गांवों को व्यावसायिक श्रेणी में नोटिफाई करने, भवन उपनियमों से बाहर रखने और नगर निगम की सेवाओं में गांवों के युवाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित करें। इस मौके पर पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने चेतावनी दी कि बजट में गांवों को रियायतें नहीं देने पर आप के खिलाफ मेयर चुनाव में अभियान चलाया जाएगा।

पंचायत संघ के समस्त पदाधिकारी मेयर चुनाव में आप के उम्मीदवार को वोेट नहीं देने के लिए ग्रामीण पृष्ठभूमि के पार्षदों पर दबाव बनाएगे।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि पूर्व मेयर शैली ओबरॉय ने पार्टी मुख्यालय पर एक संगठन के अध्यक्ष के साथ प्रेस वार्ता में ग्रामीणों का हाउस टैक्स माफ करने की घोषणा की थी, जो झूठी साबित हुई। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर वादे पूरे नहीं हुए, तो इसका असर विधानसभा चुनावों में दिखाई देगा, और वैसा ही हुआ, जिसके परिणामस्वरूप आप पार्टी को सरकार से बाहर होना पड़ा।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि अगर इस बार भी ग्रामीणों को धोखा दिया गया, तो मेयर चुनाव के अलावा एमसीडी के 12 वार्डों के आगामी उपचुनाव और दो साल बाद एमसीडी चुनाव में आप को ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी पंचायत संघ गांवों में आप के खिलाफ मतदान की अपील करेगा। पंचायत संघ ने मांगों को गंभीरता से लेकर उन्हें पूरा करने की अपील की है, ताकि गांवों में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox