दिल्ली/सिमरन मोरया/- दिल्ली के उत्तरी जिले की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक महीने तक चले विशेष अभियान में अवैध हथियारों की आपूर्ति में लिप्त एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 6 खूंखार अपराधियों सहित दो सीसीएल (किशोर अपराधियों) को पकड़ा है और उनके कब्जे से कुल 14 पिस्तौल (13 देसी, 1 सेमी-ऑटोमैटिक), 18 जिंदा कारतूस, और एक स्कूटी बरामद की है, जो हथियारों की डिलीवरी में इस्तेमाल होती थी।
डीसीपी राजा बांठिया ने मामले के संदर्भ में बताया कि एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीम ने उत्तर दिल्ली में हथियार आपूर्तिकर्ताओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सूचना तंत्र और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया। आई/सी एसआई जगबीर खत्री के नेतृत्व में बनी टीम में एसआई हरप्रीत सिंह, एसआई नरेश, और कई हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल शामिल थे। एसीपी ऑपरेशन रतन पाल की देखरेख में लगातार जमीनी स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाई जा रही थी।
पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक, मोहम्मद बिलाल (उम्र 19, निवासी भलस्वा डेयरी) फरीदाबाद बस स्टैंड, कश्मीरी गेट पर हथियारों की डिलीवरी के लिए आ रहा है। पुलिस ने वहां घेराबंदी कर बिलाल को पकड़ा और उसकी तलाशी में 4 देशी पिस्तौल और 8 कारतूस बरामद किए।
पूछताछ में बिलाल ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से अवैध हथियारों की सप्लाई में लिप्त है और उसने हथियार अलीगढ़ के हारुन और अजीम से खरीदे थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह गिरोह दिल्ली के कई इलाकों में हथियारों की आपूर्ति में सक्रिय था।


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