आर्मी चीफ ने चीन पर साधा निशाना, बोले- सीमा विवाद खत्म नही करना चाहता चीन

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June 4, 2026

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आर्मी चीफ ने चीन पर साधा निशाना, बोले- सीमा विवाद खत्म नही करना चाहता चीन

-आर्मी चीफ ने बताया आगे का प्लान

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/-  भारतीय थल सेना के नए प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने चीन पर एक बार फिर निशाना साधा है। जनरल पांडे ने चीन के साथ संबंधों में सीमा विवाद को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि पड़ोसी देश सीमा विवादों को उलझाए रखना चाहता है। हाल ही में सेना की बागडोर संभालने वाले जनरल पांडे ने सोमवार को अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस की है।
               दरअसल, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि ऐसा लगता है कि चीन सीमा विवाद को उलझाए रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख के रूप में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अप्रैल 2020 की यथास्थिति की बहाली और दोनों पक्षों के बीच विश्वास तथा मैत्री का माहौल बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि लेकिन यह केवल एक पक्ष के प्रयासों से संभव नहीं है।
               जनरल पांडे ने कहा कि वह आश्वस्त करना चाहते हैं कि भारतीय जवान पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर द्दढता के साथ डटे हैं और वहां पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बल तैनात हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ साथ हमारे जवान महत्वपूर्ण पोजीशन पर बैठे हैं और उन्हें सख्त निर्देश है कि यथास्थिति में बदलाव की किसी भी कोशिश को विफल करना है।
              हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच बातचीत की प्रक्रिया जारी है। हमें विश्वास है कि आगे का रास्ता भी होगा लेकिन सीमा पर गलत हरकत बर्दाश्त नहीं होगी। इसके बावजूद भी बुनियादी मुद्दा सीमा के समाधान का ही है। उन्होंने कहा कि बातचीत से उत्तरी और दक्षिणी पेगोंग झील, गोगरा तथा गलवान घाटी जैसे क्षेत्रों में मुद्दों का समाधान भी हुआ है। उन्होंने कहा कि सैन्य कूटनीति भी विदेश कूटनीति का हिस्सा है और यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। इन्हें अलग अलग नहीं देखा जाना चाहिए।
              बता दें कि करीब दस दिन पहले भी पद संभालते ही सेना प्रमुख ने चीन को दो टूक सुना दी थी। उन्होंने कहा था कि हमें विश्वास है कि जैसे-जैसे हम दूसरे पक्ष से बात करना जारी रखेंगे, हम चल रहे मुद्दों का समाधान खोज लेंगे। लेकिन साथ ही सीमा पर गलत हरकत बर्दाश्त नहीं होगी।

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