‘आपकी चार पीढ़ियां भी नहीं ला सकतीं अनुच्छेद 370 को वापस’, शरद पवार को अमित शाह की सीधी चुनौती

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October 8, 2026

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‘आपकी चार पीढ़ियां भी नहीं ला सकतीं अनुच्छेद 370 को वापस’, शरद पवार को अमित शाह की सीधी चुनौती

मानसी शर्मा /-   महाराष्ट्र के शिराला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370की पुनर्स्थापना की कोशिशों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शरद पवार की चार पीढ़ियां भी जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370को वापस नहीं ला सकतीं, क्योंकि यह मुद्दा अब समाप्त हो चुका है। उनका यह बयान जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हाल ही में पेश किए गए उस प्रस्ताव पर था, जिसमें अनुच्छेद 370की बहाली की मांग की गई थी।

अमित शाह ने इस मुद्दे पर शरद पवार को सीधे चुनौती दी और कहा, “आज मैं संभाजी महाराज की भूमि से कह रहा हूं कि आपकी चार पीढ़ियां भी आ जाएं, तो भी हम अनुच्छेद 370को वापस नहीं लाने देंगे।” शाह ने यह भी कहा कि यह प्रस्ताव भारत की संप्रभुता को चुनौती देने जैसा था, और वे इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे।

कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग पर हंगामा

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नई सरकार के गठन के बाद यह प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसमें राज्य के विशेष दर्जे को फिर से बहाल करने की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ और भाजपा तथा सत्ताधारी दल के विधायकों के बीच हाथापाई भी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए इसे देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया था।

प्रधानमंत्री मोदी के वादों पर अमित शाह का समर्थन

अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी का वादा ‘पत्थर की लकीर’ है, जबकि विपक्षी दल अक्सर अपने वादों को भूल जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि उसने कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में किए गए वादे पूरे नहीं किए। शाह ने राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा, “कांग्रेस ने राम मंदिर का निर्माण रोकने की कोशिश की, लेकिन पीएम मोदी ने पांच साल में ही भूमिपूजन कराया और निर्माण कार्य शुरू किया।”

वक्फ संपत्तियों पर महा विकास अघाड़ी पर हमला

अमित शाह ने महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार को वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर भी घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वक्फ बोर्ड में सुधार का बिल पेश किया था, जिसे विपक्ष ने विरोध किया। शाह ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां वक्फ बोर्ड ने पूरे गांव को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया, जिसमें मंदिरों और किसानों की जमीन भी शामिल थी। अमित शाह ने यह भी सवाल किया कि क्या महा विकास अघाड़ी की सरकार अगर बनी, तो किसानों की जमीन वक्फ के नाम कर दी जाएगी।

भविष्य की रणनीति

अमित शाह के बयान से यह साफ है कि भाजपा आगामी चुनावों में कश्मीर, राम मंदिर और वक्फ संपत्तियों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उनका जोर इस बात पर था कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को सुरक्षित और सम्मानित बना सकता है, जबकि विपक्षी दल अपने वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं।

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