अंतरिक्ष से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

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अंतरिक्ष से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराया, रविवार देर रात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लौटे। Axiom-4 मिशन पूरा कर वतन वापसी करने वाले शुभांशु का स्वागत ढोल-नगाड़ों, तिरंगे और भारत माता की जय के नारों के बीच हुआ। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, इसरो के वैज्ञानिकों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।

परिवार संग भावुक पल
शुभांशु के साथ उनकी पत्नी कामना शुक्ला और बेटा भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि शुभांशु की वतन वापसी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक पल है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हासिल हो रही उपलब्धियों का प्रमाण है। जानकारी के अनुसार, शुभांशु जल्द ही प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे और अपने गृहनगर लखनऊ भी जाएंगे। साथ ही वे 22-23 अगस्त को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भी शामिल होंगे।

18 दिन का ऐतिहासिक मिशन
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 25 जून 2025 को फ्लोरिडा के केप कैनावरल से स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल द्वारा अंतरिक्ष यात्रा शुरू की थी। 26 जून को वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचे और कुल 18 दिन का ऐतिहासिक मिशन पूरा किया। इस दौरान उन्होंने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए और 20 जागरूकता सत्र आयोजित किए। उनके साथ अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री भी इस मिशन का हिस्सा थे।

भारत के लिए अहम वैज्ञानिक प्रयोग
इस मिशन में शुभांशु ने सात महत्वपूर्ण प्रयोग किए। इनमें अंतरिक्ष में हरे चने और मेथी के बीजों का अंकुरण, मानव शरीर पर अंतरिक्ष का प्रभाव, मांसपेशियों की कमजोरी और ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस जैसे अध्ययन शामिल रहे। ये प्रयोग भारत के लिए अंतरिक्ष कृषि, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास के नए रास्ते खोलेंगे। उनकी इस सफलता ने देशभर के युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर नया उत्साह और जोश पैदा किया है।

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