ड्रग्स के खिलाफ लोकसभा में गूंजा द्वारका जिला पुलिस कप्तान का नाम

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August 14, 2022

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ड्रग्स के खिलाफ लोकसभा में गूंजा द्वारका जिला पुलिस कप्तान का नाम

-द्वारका जिला को नशामुक्त बनाने के लिए डीसीपी शंकर चौधरी के वर्चस्व अभियान के लिए सांसद प्रवेश वर्मा ने पढ़े कसीदे -द्वारका जिला में अवैध गतिविधियों व ड्रग्स के कारोबार में संलिप्त करीब 300 विदेशियों को पुलिस ने किया डिपोर्ट

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- द्वारका जिला पुलिस के कप्तान शंकर चौधरी के वर्चस्व अभियान की सफलता की गूंज अब लोकसभा में भी सुनाई दे रही है। पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने लोकसभा में डीसीपी शंकर चौधरी द्वारा अवैध गतिविधियों व ड्रग्स के कारोबार में शामिल करीब 300 विदेशियों को पकड़कर कर उन्हे वापिस उनके वतन भेजने की कार्यवाही की प्रशंसा की तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमितशाह से दिल्ली के प्रत्येक जिले शंकर चौधरी जैसे तेजतर्रार अधिकारी नियुक्त करने की अपील की ताकि दिल्ली को नशामुक्त बनाकर देश के युवाओं को ड्रग्स से बचाया जा सके।
                 यहां बता दें कि जब द्वारका जिला के अतिरिक्त डीसीपी शंकर चौधरी ने जिला के कप्तान का पदभार संभाला था तो उस समय जिला में लगातार हत्याऐं व गोलीबारी की वारदात हो रही थी। अपराधी पुलिस से बेखौफ हो चुके थे और लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे थे। उसी समय द्वारका डीसीपी शंकर चौधरी ने सभी अधिकारियों के साथ मिलकर गहन विचार किया और फिर जिला में ऑपरेशन वर्चस्व का ऐलान कर दिया। जिसके तहत अपराधियों को ढूंढना, उनकी शिनाख्त करना, पीओ व बीसी पर नजर रखना, दूसरे राज्यों के अपराधियों को सर्विलांस पर लेकर उन पर नजर रख्,ाना तथा जिला में अवैध शराब व ड्रग्स की सप्लाई के रैकेट को तोड़ना था। उन्होने पुलिस अधिकारियों व सभी थानों के एसएचओं को स्पष्ट संकेत दिया कि चाहे कुछ भी हो जाये लेकिन अपराधी पुलिस से बचकर नही जाना चाहिए। हमे जनता के मन से अपराधियों का खौफ दूर कर पुलिस का विश्वास जमाना है। ताकि जिला में रहने वाली बहन-बेटी, बुजुर्ग व यात्री अपने आपकों सुरक्षित महसूस कर सके।


                  ऑपरेशन वर्चस्व को लेकर कई बार उंगली भी उठी क्योंकि अभी भी अपराधी पुलिस को चकमा देकर वारदात कर रहे थे लेकिन डीसीपी शंकर चौधरी ने हार नही मानी और सबसे पहले अवैध शराब व जिला में होने वाली ड्रग्स की सप्लाई की कड़ी को तोड़ने के लिए मोहनगार्डन, उत्तमनगर, बिंदापुर, डाबड़ी में कार्यवाही शुरू की जिसमें सभी विदेशियों के विजा, रहने के स्थान का सत्यापन व पासपोर्ट की जांच करने के आदेश दिये। जब विदेशियों खासकर अफ्रीकन के खिलाफ कार्यवाही शुरू हुई तो शुरू में अफ्रीकन भड़क गये लेकिन जब उनके लिंक ड्रग्स माफियों से निकले और उनके पास हेरोईन पकड़ी जाने लगी तो मामला पलट गया। पुलिस की इस कार्यवाही के बाद स्थानीय लोग भी पुलिस की मदद के लिए आगे आने लगे और फिर विदेशियों की ड्रग्स की कड़ी टूटती चली गई। जिला उपायुक्त ने पिछले 4 महीने में करीब 300 अफ्रीकनस को पकड़ कर उन्हे वापिस उनके देश का रास्त दिखा दिया है। जिसकी गूंज अब लोकसभा में सुनाई देने लगी हैं।
                  दरअसल डीसीपी शंकर चौधरी के वर्चस्व अभियान के चलते जिला में न केवल अपराधों पर रोक लगी है बल्कि ड्रग्स सप्लाई पर भी बड़ा प्रहार हुआ है। सांसद प्रवेश वर्मा ने लोकसभा में डीसीपी शंकर चौधरी के इस कार्य की भूरि-भूरि प्रंशसा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमितशाह से शंकर चौधरी जैसे जांबाज व तेजतर्रार अधिकारी हर जिले में तैनात करने की अपील की है।
                  अपने वर्चस्व अभियान को लेकर डीसीपी शंकर चौधरी ने बताया कि इस अभियान के शुरूआत में हुई कई वारदातों से वो थोड़े विचलित हुए थे लेकिन उन्हे पता था कि जीत उनकी ही होनी है। इसलिए वह इसकी सफलता को लेकर आश्वस्त भी थे। हम आमजन को सुरक्षा देने के लिए काम कर रहे है। हमारा किसी से कोई वैर नही है। विदेशी भी हमारे भाई-बहन है लेकिन अगर कोई अवैध काम करता है तो वह कानून का गुनहगार है। इसके लिए कानून अपना काम करेगा। हालांकि उनके जिला में हुए एंनकाउटर पर भी कई बार उंगली उठी लेकिन फिर भी उन्होने हार नही मानी और जनता को दिये अपने सुरक्षा के वादे पर काम जारी रखा।

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