हेल्थ/सिमरन मोरया/- कभी-कभी चलते-फिरते या सीढ़ियां चढ़ते समय घुटना अचानक जाम हो जाता है। इसे ‘नी लॉकिंग’ कहते हैं। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन ज्यादातर यह उम्रदराज लोगों या खिलाड़ियों में देखने को मिलती है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
डॉ इंद्रामनी उपाध्याय, हेड फिजियोथैरेपिस्ट एंड एच ओ डी, एट द सेंटर फॉर नी एंड हिप केयर क्लिनिक, वैशाली के मुताबिक घुटने के लॉक होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कार्टिलेज का घिस जाना, मेनिस्कस में चोट, या जोड़ों में सूजन। कई बार यह समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि इलाज के बिना ठीक नहीं होती। लेकिन घबराइए नहीं, कुछ सावधानियां और एक्सरसाइज से इससे बचा जा सकता है।
अगर आप या आपके परिवार में कोई इस समस्या से जूझ रहा है, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। इसमें हमने एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर घुटना लॉक होने के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके बताए हैं। पढ़िए और जानिए कैसे रखें अपने घुटनों का ख्याल!

घुटना लॉक होने के मुख्य कारण
घुटने का अचानक जाम हो जाना कई वजहों से हो सकता है। इसमें मेनिस्कस टियर (उपास्थि में चोट), कार्टिलेज का घिसना, या जोड़ों में सूजन शामिल हैं। डॉक्टर के अनुसार, घुटने के लॉक होने का मुख्य कारण मैकेनिकल ऑब्स्ट्रक्शन होता है। इसमें घुटने के जोड़ के अंदर कोई ढीला उत्तक, कार्टिलेज का टुकड़ा या अन्य बाहरी वस्तु फंस जाती है, जिससे जोड़ की गति अचानक रुक जाती है। इस स्थिति में घुटना मुड़ने या सीधा होने में अकड़न महसूस होती है। कई बार दर्द और सूजन भी हो सकती है। यह समस्या अक्सर चोट, गठिया या जोड़ों के घिसाव के कारण होती है। सही निदान और उपचार के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।

कैसे पहचानें घुटने की लॉकिंग समस्या?
अगर घुटना मुड़ने-सीधा होने में दिक्कत दे रहा है या चलते समय अचानक अटक जाता है, तो यह लॉकिंग का संकेत हो सकता है। कई बार दर्द या सूजन भी होती है। ऐसे में फिजियोथेरेपी या एक्सरसाइज से राहत मिल सकती है। कई बार चोट लगने या गलत पोजिशन में बैठने से भी यह समस्या होती है। अगर आपको बार-बार ऐसा होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या है नी लॉकिंग का सही इलाज?
इसका इलाज कारण पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में फिजियोथेरेपी या दवाइयों से आराम मिलता है, जबकि गंभीर स्थिति में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। डॉक्टर से सलाह लेकर ही कोई कदम उठाएं।

किन एक्सरसाइज से मिलेगा आराम?
लेग स्ट्रेचिंग, स्क्वेट्स और साइकिलिंग जैसी हल्की एक्सरसाइज घुटनों को मजबूत बनाती हैं। लेकिन अगर दर्द बढ़े तो एक्सपर्ट की सलाह लें।

कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर घुटना बार-बार लॉक होता है, दर्द बढ़ता जा रहा है या चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है, तो तुरंत ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट से संपर्क करें। देरी करने से समस्या बढ़ सकती है।


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