
मेरे सपने, मेरी उड़ान विशेषांक के रूप में प्रकाशित हुआ। ‘अनुपमा (सबकी सहेली)’ ने इस बार अपने पाठकों के लिए एक बेहद खास और प्रेरणादायक सौगात पेश की है।
इस विशेषांक में समाज की विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के संघर्ष, सफलता और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक कहानियों को जगह दी गई है। “नई शुरुआत: मेरे सपने, मेरी उड़ान” विशेषांक के माध्यम से पत्रिका ने यह संदेश दिया है कि हर व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। इस अवसर पर पत्रिका की संपादक मंडल ने कहा कि अनुपमा पिछले 9 अंकों से नये साहित्यकारों को एक मंच दे रही है जहाँ वे अपने अनुभव साझा कर सकें और एक-दूसरे की भावनाओं को समझ सकें। यह अंक विशेष रूप से करियर, शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक बदलाव में योगदान पर केंद्रित है।
अनुपमा एक ऐसी पत्रिका है जिसमें नये पुराने, छोटे बड़े और देश विदेश के सभी तरह के रचनाकारों को अपनी लेखनी चलाने का अवसर प्रदान किया जाता है और उन्हें सम्मान पत्र से सम्मानित किया जाता है। ‘अनुपमा’ के इस अंक को लेकर पाठकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। पत्रिका का दावा है कि यह अंक न केवल जानकारी देगा, बल्कि मुश्किल समय में हार न मानने का हौसला भी देगा। यदि आप जानना चाहते हैं कि सफलता की असली कीमत क्या होती है, तो यह विशेषांक आपके लिए एक अनिवार्य संग्रह है।
सुशी सक्सेना





More Stories
ADG डॉ. वी. मुरुगेशन ने हरिद्वार के भगवानपुर में जनता दरबार में सुनीं जनसमस्याएं
देहरादून में किराये के मकान में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, महिला समेत चार गिरफ्तार
बहादुरगढ़ में 100 दिन में दिखने लगा मियावाकी जंगल का असर, पौधों की तेजी से बढ़ी लंबाई
दिल्ली के मायापुरी में फैक्ट्री में लगी भीषण आग, दमकल की गाड़ियां मौके पर, राहत व बचाव कार्य पूरा
दिल्ली में प्रदूषण पर एक्शन प्लान तैयार, साउथ-वेस्ट और वेस्ट दिल्ली के हॉटस्पॉट्स की पहचान कर सख्त कार्रवाई के निर्देश
दिल्ली के 48 गांवों को मिलेगा ‘शहरी’ दर्जा, अब सुनियोजित विकास का होगा आधार