योग भारतीय संस्कृति की है धरोहर – राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

योग भारतीय संस्कृति की है धरोहर – राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में ष्तनाव को दूर करने में योग की उपयोगिता विषय पर ऑनलाईन गूगल मीट पर गोष्टी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल परिषद का 97वां वेबिनार था।
डॉ रमेश कुमार योगाचार्य,(असिस्टेंट प्रोफेसर,योग विभाग,लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय) ने कहा कि योग वास्तव में मस्तिष्क तथा भावनाओं का विज्ञान है और इसलिए तनाव के लक्षणों को दूर करने के लिए यह एक वरदान है। किसी भी व्यक्ति की मानसिक स्थिति और भावनाएं उसकी शारीरिक मुद्रा में प्रतिबिंबित होती हैं। यदि शारीरिक मुद्रा में कोई संशोधन होता है, तो यह व्यक्ति के भावनात्मक स्थिति में बदलाव ला सकता है। यहीं पर योग की शारीरिक मुद्रा (आसन) तनाव ग्रस्त व्यक्ति की सहायता कर सकती है। यह प्रभाव क्षणिक हो सकता है परंतु जब एक निश्चित समय तक इसका निरंतर अभ्यास किया जाता है, तो यह व्यक्ति में परिवर्तन ला सकता है और तनाव से मुक्ति दिला सकता है। इसलिए अपने जीवन को योगमय बनाना चाहिए ।
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि आधुनिक युग में योग सारे संसार में जिस तीव्र गति से फैल रहा है वह प्रशंसनीय व स्वागत योग्य है। योग का ज्ञान भारतीय संस्कृति की धरोहर है। आज डाॅक्टर और वैज्ञानिक भी योग के माध्यम से स्वस्थ रहने का परामर्श दे रहे हैं। यही कारण है कि भारत ही नहीं, अपितु विश्व भर के लोग यह अनुभव कर रहे हैं कि स्वस्थ जीवन और निरोग रहने के लिए योग सर्वोत्तम माध्यम है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य भानुप्रताप वेदालंकार(प्रान्तीय अध्यक्ष, मध्यप्रदेश) ने कहा कि स्वस्थ जीवन शैली, तनाव से मुक्ति एवं शारीरिक व मानसिक दृढ़ता का प्रदाता योग है। हजारों वर्षों से भारत वर्ष की जीवन शैली का अंग रहा योग स्वास्थ्य एवं मानसिक शांति में अत्यंत लाभदायक है। उत्तर प्रदेश के प्रान्तीय महामंत्री प्रवीन आर्य ने कहा तनावग्रस्त व्यक्ति आंतरिक भय से पीडित होता है, योग आसन आंतरिक भय जैसे किसी वस्तु, व्यक्ति के खोने का डर, असफलता का भय और शक्तिहीन होने के डर से हमें मुक्ति दिलाते हैं। योगाचार्य सौरभ गुप्ता ने कहा कि योग शरीर को चुस्त, स्वस्थ व लचीला रखने का सबसे आसान माध्यम है। शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक संस्कृति के रूप में योग का ज्ञान हमे ऋषि मुनियों से मिलता रहा है। आर्य नेत्री सुषमा बुद्धिराजा, प्रतिभा सपरा, विमला आहूजा, संध्या पांडेय, देवेन्द्र गुप्ता, रविन्द्र गुप्ता, ईश्वर आर्या, वीना वोहरा आदि ने गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य रूप से आचार्य महेन्द्र भाई, आनंदप्रकाश आर्य, प्रकाशवीर शास्त्री, यज्ञवीर चैहान, सुरेन्द्र शास्त्री, करुणा चांदना, देवेन्द्र भगत, कैप्टन अशोक गुलाटी, नरेंद्र आर्य सुमन आदि उपस्थित थे ।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox