केंद्र के साथ किसानों बैठक रही बेनतीजा, 3 दिसंबर को फिर होगी बातचीत

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August 24, 2026

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केंद्र के साथ किसानों बैठक रही बेनतीजा, 3 दिसंबर को फिर होगी बातचीत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- किसान नेताओं और सरकार के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही. किसानों और सरकार के नुमाइंदों के कमेटी के प्रस्ताव को किसानों ने ठुकरा दिया. परसों एक बार फिर किसान और सरकार के बीच बातचीत होगी. दिल्ली के विज्ञान भवन में हुई बैठक में किसानों की ओर से अलग अलग संगठनों के 35 नेता शामिल हुए। वहीं सरकार की ओर से तीन मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोमप्रकाश शामिल हुए।
बैठक के बाद कृषि मंत्री ने कहा, आज किसान यूनियन के नेता आए थे, तीसरे दौर की वार्ता सम्पन्न हुई. आज की वार्ता काफी सफल रही, परसों चैथे चरण की वार्ता होगी। परसों किसान अपने मुद्दे लेकर आएंगे और उन पर विंदुवार चर्चा होगी। हमारा कहना था कि एक छोटा ग्रुप बने लेकिन किसानों ने कहा कि सबसे बात होनी चाहिए। हम किसानों की इस बात से भी कोई आपत्ति नहीं है। हमारी किसान भाइयों से अपील है कि आंदोलन खत्म करें और बात करें।
वहीं किसान नेताओं ने बैठक के बाद कहा, आंदोलन जारी रहेगा, तीन अध्यादेश डेथ वारंट है। सरकार मसला नहीं हल करना चाहती. सरकार चाहती है कि छोटी कमेटी बनाई जाए। लेकिन यह किसी एक संगठन की बात नहीं यह पूरे हिंदुस्तान की बात है, इसलिए यह संभव ही नहीं है. सरकार छोटी कमेटी बनाकर आंदोलन को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है।

सरकार ने किसानों को क्या प्रस्ताव दिया?
किसानों के साथ चर्चा के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- एक समिति बना देते हैं, आप अपने संगठन से चार-पांच नाम दीजिए. इस समिति में सरकार के लोग भी होंगे, कृषि एक्सपर्ट भी होंगे. यह सभी लोग नए कानून पर चर्चा करेंगे. इसके बाद देखेंगे कि कहां गलती है और आगे क्या करना है.

सरकार के प्रस्ताव पर किसानों ने क्या कहा?
किसान नेताओं ने कमेटी के मुद्दे पर कहा है कि, कमेटी बना लीजिए आप एक्स्पर्ट भी बुला लीजिए, हम तो खुद एक्स्पर्ट हैं ही, लेकिन आप ये कि हम धरने से हट जाए ये सम्भव नहीं है। अभी इस पर और चर्चा होनी है। किसानों को कमिटी पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जबतक कमिटी कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती और कुछ ठोस बात नहीं निकलती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

खिलाड़ियों ने पद्म पुरस्कार वापस करने का एलान किया
पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड सम्मानित सहित कई पूर्व खिलाड़ियों ने एलान किया है कि कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली जा रहे किसानों पर हुए बल प्रयोग के विरोध में वे अपने पुरस्कार लौटाएंगे। इनमें पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड विजेता पहलवान करतार सिंह, अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित बास्केटबॉल खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा और अर्जुन अवॉर्ड से ही सम्मानित हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर शामिल हैं. इन्होंने बताया कि पांच दिसंबर को वे दिल्ली जाएंगे और राष्ट्रपति भवन के बाहर अपने पुरस्कार रखेंगे।

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