मानसी शर्मा /- सुप्रीम कोर्ट ने आज मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटे शाही ईदगाह सर्वेक्षण के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाओं की विचारणीयता के खिलाफ मस्जिद पक्ष की याचिका पर हाई कोर्ट को सुनवाई करनी चाहिए।
इससे पहले सर्वे से जुड़ा आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया था, जबकि शाही ईदगाह कमेटी ने सभी मामलों को मथुरा जिला अदालत से हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने का विरोध किया है। इस मसले पर अब अगली सुनवाई 23 जनवरी 2024 को होगी।
क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला?
आपको बता दें कि,मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 14 दिसंबर 2023 को अपना फैसला सुनाया था। तब हाईकोर्ट ने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के विवादित स्थल पर सर्वे को मंजूरी दी थी। कोर्ट ने विवादित जमीन का सर्वे एडवोकेट कमिश्नर से कराने की मांग भी मंजूर कर ली थी। कोर्ट ने अपने फैसले में ज्ञानवापी विवाद की तर्ज पर मथुरा के विवादित परिसर का एडवोकेट कमिश्नर के जरिए सर्वे कराने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट में याचिका किसने दायर की?
यह याचिका भगवान श्रीकृष्ण विराजमान और सात अन्य ने वकील हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, प्रभाष पांडे और देवकी नंदन के माध्यम से दायर की थी। जिसमें दावा किया गया है कि उस मस्जिद के नीचे भगवान कृष्ण का जन्मस्थान मौजूद है और ऐसे कई निशान हैं जो साबित करते हैं कि वह मस्जिद एक हिंदू मंदिर है।
याचिका में क्या था दावा?
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन के अनुसार, उच्च न्यायालय में दायर याचिका में दावा किया गया है कि वहां एक कमल के आकार का स्तंभ है जो हिंदू मंदिरों की विशेषता है और हिंदू देवताओं में से एक शेषनाग की प्रतिकृति है, जिन्होंने जन्म लेकर भगवान की रक्षा की थी।


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