दिल्ली में ₹16 करोड़ की लागत से बना बायोगैस प्लांट शुरू, रोजाना 200 टन गोबर से बनेगी जैविक खाद और स्वच्छ ईंधन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली में ₹16 करोड़ की लागत से बना बायोगैस प्लांट शुरू, रोजाना 200 टन गोबर से बनेगी जैविक खाद और स्वच्छ ईंधन

-मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गोयला डेयरी में प्लांट का किया उद्घाटन; गोबर से यमुना प्रदूषण रोकने और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर, सरकार छह अन्य प्लांट लगाने की दिशा में कर रही काम

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/द्वारका/शिवकुमार यादव । दिल्ली में गोबर के उचित निस्तारण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गोयला डेयरी में 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस प्लांट में प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन गोबर का प्रसंस्करण कर स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद तैयार की जाएगी। इससे डेयरी क्षेत्रों से निकलने वाले गोबर के उचित प्रबंधन में मदद मिलेगी। साथ ही गोबर को यमुना में जाने से रोकने और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में भी यह परियोजना अहम मानी जा रही है।

गोबर से बनेगा ईंधन, प्रदूषण पर लगेगी लगाम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, बायोगैस प्लांट के माध्यम से गोबर जैसे जैविक कचरे का उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे एक ओर स्वच्छ ईंधन का उत्पादन होगा, वहीं दूसरी ओर जैविक खाद भी तैयार की जाएगी। गोबर के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण से नालों और यमुना में इसके पहुंचने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही डेयरी संचालकों और पशुपालकों को गोबर के बेहतर प्रबंधन से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

डेढ़ साल में तीन प्लांट शुरू करने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में दिल्ली में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की दिशा में पर्याप्त काम नहीं हुआ। उनके मुताबिक, उनकी सरकार ने डेढ़ साल में तीन बायोगैस प्लांट शुरू किए हैं और छह अन्य प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य गोबर और जैविक कचरे का बेहतर प्रबंधन कर प्रदूषण कम करना तथा संसाधनों का उपयोग ऊर्जा और खाद के उत्पादन में करना है।

‘वेस्ट टू वेल्थ’ के संकल्प को आगे बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवधारणा के तहत कचरे को बेकार सामग्री के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलने पर जोर दिया जाता है। बायोगैस प्लांट में गोबर से ईंधन और जैविक खाद तैयार होने से कचरे के निस्तारण के साथ उसके आर्थिक उपयोग का रास्ता भी खुलेगा।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

प्लांट के उद्घाटन अवसर पर कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर मोनिका पंत, विधायक संदीप सहरावत और दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जैविक कचरे के प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और डेयरी क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए ऐसी परियोजनाओं के महत्व पर जोर दिया गया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox