तेहरान पर टेक्नोलॉजी की नजर! हर मूवमेंट पर रखी जा रही थी निगाह!

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May 3, 2026

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तेहरान पर टेक्नोलॉजी की नजर! हर मूवमेंट पर रखी जा रही थी निगाह!

-हज़ारों कैमरे हैक करके मिली खामेनेई की लोकेशन

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या से पहले कई सालों तक तेहरान को ‘डिजिटल मैप’ की तरह पढ़ा था। ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया था। इन कैमरों की फुटेज को एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिणी इजरायल के सर्वरों पर भेजा जाता था, जिससे खामेनेई और उनकी सुरक्षा टीम की रोजमर्रा की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।

रिपोर्ट में दो सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह साइबर ऑपरेशन सालों पुराना था। तेहरान के पाश्चर स्ट्रीट के पास स्थित खामेनेई के कंपाउंड के निकट एक विशेष ट्रैफिक कैमरा इतने सटीक एंगल में था कि इससे बॉडीगार्ड्स और ड्राइवरों की पार्किंग, आने-जाने का समय और उनके साथ आने वाले वाहनों की जानकारी मिलती थी। इजरायल ने इस डेटा का इस्तेमाल पैटर्न-ऑफ-लाइफ एनालिसिस के लिए किया, यानी खामेनेई की दिनचर्या, मीटिंग्स और सुरक्षा प्रोटोकॉल को समझने के लिए। इसके अलावा, मोबाइल फोन नेटवर्क में भी सेंध लगाई गई थी, जिससे सिग्नल इंटेलिजेंस के जरिए लोकेशन ट्रैकिंग संभव हुई।

हज़ारों कैमरे हैक करके मिली खामेनेई की लोकेशन
28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका की संयुक्त एयर स्ट्राइक में खामेनेई की मौत हो गई थी, जब वे तेहरान के एक कंपाउंड में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में थे। रिपोर्ट के मुताबिक, हैक किए गए कैमरों और अन्य इंटेलिजेंस स्रोतों (जिसमें सीआईए की मदद भी शामिल थी) से मिली रीयल-टाइम जानकारी ने हमले का समय और लक्ष्य इतना सटीक बनाया कि ऑपरेशन महज 60सेकंड में पूरा हो गया। इजरायली सूत्रों ने दावा किया कि तेहरान की सड़कों, इंटरनेट और फोन सिस्टम पर इतनी गहरी निगरानी थी कि ‘हम तेहरान को यरूशलेम की तरह जानते थे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इजरायल ने मोबाइल एंटेना जाम करने और अन्य साइबर टूल्स का भी इस्तेमाल किया, जिससे ईरान को जवाबी कार्रवाई में देरी हुई। ईरान की ओर से अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन युद्ध के बीच साइबर हमलों की लहर जारी है, जिसमें ईरानी ऐप्स और वेबसाइट्स पर हैकिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं।

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