नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- भारतीय अंडर-19 टीम ने एक बार विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों के अंतर से हराया। भारत की जीत में सबसे अहम योगदान रहा वैभव सूर्यवंशी का। बिहार के इस 14 साल के लड़के ने मात्र 80 गेदों में 175 रनों की धुंआधार पारी खेली।
वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन के चर्चा चारों तरफ हो रहे हैं। चर्चा ये भी है कि जल्द ही उन्हें सीनियर टीम में मौका मिल सकता है लेकिन सूर्यवंशी के लिए अभी यह संभव नहीं है। अब आप सोच रहे होंगे की दमदार प्रदर्शन के बाद भी मौका क्यों नहीं मिलेगा। तो आपको बता दें कि उनकी राह में आईसीसी के नियम बाधा बन रहें हैं।
क्या है आईसीसी का नियम
बैभव सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ी बाधा है आईसीसी का न्यूनतम उम्र वाला नियम। 2020 में लागू किए गए नियम के मुताबिक किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए 15 साल का होना जरूरी है। यह नियम खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। वहीं, वैभव अभी मात्र 14 साल के हैं। मतलब साफ है कि सूर्यवंशी फिलहाल कितने भी शतक पर शतक लगा लें लेकिन सीनियर टीम में अभी मौका नहीं मिल सकता। वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था। फरवरी 2026 में अंडर-19 विश्व कप जीतते समय वह तकनीकी रूप से 14 साल के ही थे।
अंडर-19 को लेकर आईसीसी का नियम
दिलचस्प बात ये है कि वैभव सीनियर टीम के अभी छोटे हैं लेकिन अंडर-19 टीम के लिए अब वह दोबारा नहीं खेल सकते हैं। बीसीसीआई के नियम के मुताबिक एक खिलाड़ी सिर्फ एक बार अंडर-19 विश्व कप खेल सकता है। इस नियम का मकसद है कि हर टूर्नामेंट में नए खिलाड़ियों को मौका मिले। 2026 अंडर-19 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद वैभव अब 2028 या 2030 का अंडर-19 विश्व कप का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।


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