मानसी शर्मा/- सोमवार, 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब सुनवाई के दौरान एक वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी.आर. गवई पर कथित रूप से जूता फेंकने की कोशिश की। इस घटना पर अब सियासत भी गर्म हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह घटना देश के इतिहास में काले दिन के रूप में दर्ज होगी। कुछ लोगों को यह बात बर्दाश्त नहीं हो रही कि एक दलित का बेटा CJI बना है।”
उन्होंने आगे कहा, “आज दलित और मुसलमान होना जैसे किसी को गाली देना बन गया है। यह सोच हमें पाषाण युग की ओर धकेल रही है। देश संविधान से चलेगा, और उसमें सभी के अधिकार बराबर सुरक्षित हैं। ‘सनातन’ प्रेम का धर्म है, नफरत फैलाने का नहीं।”
“यूपी बना दलितों और मुसलमानों के उत्पीड़न में नंबर वन”
इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “मैं आंकड़ों और सबूतों के साथ कह रहा हूं — यूपी दलित और मुसलमानों के उत्पीड़न में सबसे आगे है। रायबरेली में लड़कियों की हत्या हो रही है और विरोध करने पर लोगों पर बुलडोज़र चलाया जा रहा है। पोस्टर दिखाने पर हाथ-पैर तोड़े जा रहे हैं। कानून और सुप्रीम कोर्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।”
बिहार चुनाव पर बोले– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी जरूरी
बिहार विधानसभा चुनावों पर भी कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह है। “हमने आयोग पर सवाल उठाए, लेकिन जवाब BJP देती है। ये गठजोड़ साफ दिखता है। हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चुनाव कराए जाएं।”


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