नवरात्रि 2025: क्यों मनाई जाती है नवरात्रि ? जानिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नवरात्रि 2025: क्यों मनाई जाती है नवरात्रि ? जानिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

मानसी शर्मा /- नवरात्रि का आज दूसरा दिन है और देशभर में आस्था और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। मां दुर्गा की नौ शक्तियों की आराधना का यह पर्व हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नवरात्रि क्यों मनाई जाती है? इसके पीछे धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक कई कारण हैं।

नवरात्रि का अर्थ और अवधि

‘नवरात्रि’ संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है — ‘नव’ अर्थात नौ और ‘रात्रि’ अर्थात रातें। यह पर्व वर्ष में चार बार आता है, लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। शारदीय नवरात्रि आश्विन मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाई जाती है।

क्यों मनाई जाती है नवरात्रि?

  1. असुरों पर देवी शक्ति की विजय

नवरात्रि की सबसे प्रसिद्ध कथा महिषासुर मर्दिनी की है। जब महिषासुर नामक राक्षस ने तीनों लोकों में आतंक फैला दिया था, तब देवी दुर्गा ने नौ दिनों तक युद्ध करके उसका वध किया था। यह विजय अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक मानी जाती है।

  1. राम की विजय के पूर्व की साधना

एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण से युद्ध करने से पहले मां दुर्गा की उपासना की थी और शक्ति की प्राप्ति की थी। दशहरे पर रावण वध इसी विजय का प्रतीक है।

  1. ऋतु परिवर्तन के समय आत्मशुद्धि

नवरात्रि का समय ऋतु परिवर्तन का होता है — गर्मी से ठंडी या सर्दी से गर्मी। यह समय शरीर और मन को शुद्ध करने का भी होता है, इसलिए उपवास और साधना का महत्व बढ़ जाता है।

क्या होता है नवरात्रि में?
• नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री।
• श्रद्धालु व्रत रखते हैं, देवी के मंत्रों का जाप करते हैं, और कन्या पूजन करते हैं।
• जगह-जगह गरबा, डांडिया, जागरण और रामलीला का आयोजन होता है।

नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

नवरात्रि सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्म-संयम, शक्ति जागरण और आंतरिक विकास का अवसर भी है। यह आत्मा को जागृत करने, नकारात्मकता को दूर करने और शक्ति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है।

उपसंहार

नवरात्रि भारत की संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। यह सिखाता है कि अगर धर्म की राह पर चलें तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। मां दुर्गा की कृपा से जीवन में विजय, ऊर्जा और संतुलन की प्राप्ति होती है।

नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!
जय माता दी!

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox