DUSU चुनाव: अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर                                                                   

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-मतगणना की शुरुआत, पहले राउंड में एबीवीपी को बढ़त

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 की मतगणना शुक्रवार सुबह से शुरू हो गई है। शुरुआती रुझानों में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी उम्मीदवार आर्यन मान ने बढ़त बनाई है। उन्हें पहले राउंड में 1696 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई की प्रत्याशी जोसलिन नंदिता चौधरी को 714 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार आर्यन मान अभी 982 वोट से आगे चल रहे हैं।

मतदान में पिछले साल से बढ़त
इस बार हुए चुनाव में मतदान प्रतिशत 39.45% दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा अधिक है। मतदान दो चरणों में हुआ—सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक डे क्लासेज और दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक इवनिंग क्लासेज के लिए। दिलचस्प बात यह रही कि लंबे समय बाद चुनावी प्रचार के दौरान कॉलेज और हॉस्टलों की दीवारें पोस्टरों से मुक्त दिखीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिंगदोह समिति के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्ती से एंटी-डीफेसमेंट नियम लागू किए।

कौन हैं आर्यन मान?
हरियाणा के बहादुरगढ़ निवासी और हंसराज कॉलेज से स्नातक आर्यन मान को इस बार एबीवीपी ने अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतारा। वे वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय से पुस्तकालय विज्ञान में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। आर्यन छात्र राजनीति में सक्रिय चेहरा रहे हैं और कई आंदोलनों—जैसे फीस वृद्धि का विरोध और विश्वविद्यालय की सुविधाओं में सुधार की मांग—में शामिल रहे हैं। एक कुशल छात्र नेता के साथ-साथ वे एक अच्छे फुटबॉल खिलाड़ी भी माने जाते हैं।

एनएसयूआई की जोसलिन नंदिता चौधरी
एनएसयूआई की ओर से जोसलिन नंदिता चौधरी चुनाव मैदान में उतरीं। जोस्लिन राजस्थान के जोधपुर से हैं और किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। 2019 से डीयू की छात्रा रही जोसलिन इस समय बौद्ध अध्ययन में परास्नातक कर रही हैं। उनका चुनावी अभियान छात्र-केंद्रित मुद्दों पर आधारित रहा है—छात्रावास की कमी, अधिक अध्ययन स्थल, साफ-सुथरे शौचालय, परिसर की सुरक्षा और महिला छात्रों के लिए 12 दिन की मासिक धर्म अवकाश नीति जैसे मुद्दे उनके एजेंडे में शामिल रहे।

तीसरी ताकत के रूप में अंजलि
वहीं, एसएफआई-आइसा गठबंधन की उम्मीदवार अंजलि भी अध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं। गया, बिहार की रहने वाली अंजलि इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज की छात्रा हैं और कई आंदोलनों में सक्रिय रही हैं। इनमें डीयू को फिर से खोलने की मुहिम, महिला छात्रावासों की मांग और यौन उत्पीड़न के खिलाफ विरोध शामिल हैं। हाल ही में 2023 की दिल्ली बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभाई थी।

नतीजों पर टिकी नज़र
पहले राउंड में एबीवीपी को मिली बढ़त ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। हालांकि अभी मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम आना बाकी है। सभी की नज़र अब इस बात पर टिकी है कि क्या एबीवीपी अपनी बढ़त बरकरार रख पाएगी या एनएसयूआई और अन्य गठबंधन उम्मीदवार मुकाबले को और कड़ा बनाएंगे।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox