दिल्ली बाढ़ अपडेट: यमुना शांत, बाढ़ का खतरा टलने लगा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 6, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली बाढ़ अपडेट: यमुना शांत, बाढ़ का खतरा टलने लगा

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  यमुना में आई बाढ़ के चलते निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। आईटीओ ब्रिज के पास बने राहत शिविरों में सैकड़ों परिवार मजबूरी में बसर कर रहे है। यमुना नदी के किनारे बसी तिब्बती कॉलोनी में बाढ़ के चलते अब सन्नाटा पसरा है। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वालों में कई लोग तो अब अपने रिश्तेदारों के पास कुछ दिनों के लिए शिफ्ट हो चुके है। यमुना बाजार 32 घाट कॉलोनी में अब भी बाढ़ का पानी पसरा है और लोग मोरी गेट के पास बने राहत शिविरों में कामधाम छोड़कर रह रहे है। आईटीओ ब्रिज के पास भी राहत शिविर बनाया गया है, जिसमें यमुना के निचले इलाके में खेती करने वाले मजदूरों को शिफ्ट किया गया है।

जलस्तर में आई गिरावट
हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में कमी आने के बाद दिल्ली में यमुना के जलस्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। इसके चलते शनिवार सुबह यमुना का जलस्तर घटकर 206.47 मीटर पर आ गया। जो कई दिन से 207 मीटर के आसपास था। हालांकि जलस्तर अब भी खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि जलस्तर में यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी। शाम तक इसके 206 मीटर के आस-पास पहुंचने की संभावना है।

दिल्ली में बाढ़ से मौत का पहला मामला
यमुना में आई बाढ़ से मौत का पहला मामला भी शुक्रवार को सामने आया। न्यू उस्मानपुर इलाके के गढ़ी मेंडू गांव में घर में बंधी गाय को बचाने की कोशिश में यमुना में बहे ओमबीर (45) का शव तीसरे दिन यमुना नदी से मिला।

प्लांट से पानी का उत्पादन हुआ कम
यमुना में आई बाढ़ से नॉर्थ और पुरानी दिल्ली के लोगों को दोहरा झटका लगा है। सिविल लाइंस, मुखर्जी नगर, बुराड़ी और आसपास के इलाकों में बाढ़ के पानी से परेशान लोगों को अब पीने का पानी भी नहीं मिल रहा है। ऐसा इसलिए कि यमुना में पानी का फ्लो बढ़ने के साथ ही पानी में कीचड़ का मात्रा भी बढ़ गया है। ऐसे में वजीराबाद और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में रोजाना जितना पानी उत्पादन होता है, उससे काफी कम हो रहा है। इसके चलते नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, सिविल लाइंस, मुखर्जी नगर, बुराड़ी, वजीराबाद, मजनू का टीला, यमुना बाजार सहित सैकड़ों इलाकों में पिछले दो दिनों से पानी की गंभीर किल्लत है।
जल बोर्ड अफसरों के अनुसार हथिनीकुंड बैराज से यमुना में सिर्फ पानी का फ्लो ही नहीं बढ़ा है, बल्कि पानी के साथ कीचड़ भी काफी मात्रा में आ रहा है। यमुना से वजीराबाद और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कच्चा पानी लिया जाता है। लेकिन, पानी में कीचड़ की मात्रा अधिक होने के चलते पानी उत्पादन करीब 30 प्रतिशत कम हो गया है।

दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, मयूर विहार इलाके में पूरा बाढ़ का पानी भरा हुआ है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox