नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- अनिश्चित जीएसटी को लेकर व्यापारियों में काफी रोष दिखाई दे रहा है। जिसकी वजह से देश में एक राष्ट्र, एक जीएसटी की मांग जोर पकड़ रही है। शुक्रवार को व्यापारियों ने एक बैठक कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक राष्ट्र एक जीएसटी की मांग रखी है। इसके पक्ष में तर्क देते हुए व्यापारियों ने बताया कि अगर एक राष्ट्र एक चुनाव का विचार है ठीक तो उसी तरह से एक राष्ट्र एक जीएसटी की व्यवस्था भी होनी चाहिए। सेल्फ एम्प्लॉयड टैक्स पेयर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसटीएफआई) की बैठक यूनाइटेड इंडिया लाइफ बिल्डिंग, कनॉट प्लेस में चेयरमैन जय भगवान गोयल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न मांगों को उठाकर प्रस्ताव तैयार किया गया जिसे पत्र में लिखकर भेजा गया है।

बैठक में महासचिव वीडी अग्रवाल, संयुक्त सचिव आरके गौड़, वित्त सचिव रविन्द्र गर्ग, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राजेश्वर पैन्यूली, विजय अग्रवाल, विनोद गुप्ता, अशोक कुमार, कपिल वर्मा तथा मनोज जैन उपस्थित रहे। बैठक में विचार विमर्श के बाद खास बिंदुओं को तय कर पत्र में रखा गया है। आगामी 3-4 सितम्बर को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग को ध्यान में रखते हुए यह पत्र भेजा गया है।

पत्र में व्यापारियों की दिक्कतों को बताते हुए जीएसटी संबंधित कागजी कार्यवाही का भार कम करने, अधिकारियों द्वारा न्यायोचित व्यवहार करने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, पारदर्शी व्यवस्था लागू करने, जीएसटी में 180 दिन का भुगतान न होने पर 18 प्रतिशत ब्याज को निरस्त करने, छोटे व्यापारियों जिनका व्यापार 1 करोड़ तक है उनको और सेवा प्रदाताओं (50 लाख रु.तक) को रजिस्ट्रेशन से मुक्त करने की मांग उठाई गई है। इसके साथ सेल्फ एम्प्लॉयड टैक्स पेयर्स की सोशल सिक्योरिटी की मांग भी पत्र में रखी गई है।


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