चमोली: बरसाती गदेरे में बहे पांच बच्चों में दो की दर्दनाक मौत, तीन को SDRF ने बचाया

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September 23, 2026

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चमोली: बरसाती गदेरे में बहे पांच बच्चों में दो की दर्दनाक मौत, तीन को SDRF ने बचाया

-गौचर क्षेत्र में बारिश बना काल, मृतक बच्चों की पहचान दिव्यांशु और गौरव के रूप में हुई

गौचर/चमोली/अनीशा चौहान/-   चमोली जिले के पनाई गांव (गौचर) में सोमवार की शाम उस समय मातम छा गया, जब ट्यूशन से लौट रहे पांच बच्चे अचानक बरसाती गदेरे के तेज बहाव में बह गए। तेज बारिश के चलते लोडिया गाड़ गदेरे में जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया था, जिसमें फिसलकर बच्चे गिर पड़े और बहने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से तीन बच्चों  अंशुल चौधरी, बाबी रावत और प्रियांशु बिष्ट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इन बच्चों का इलाज गौचर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।

वहीं, दिव्यांशु बिष्ट (13 वर्ष) निवासी ग्रेफ चौराहा और गौरव गुसाईं (13 वर्ष) निवासी डाट पुल, गौचर को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि यह सभी बच्चे सरस्वती विद्या मंदिर, गौचर में पढ़ते थे और ट्यूशन पढ़ने के बाद नहाने के लिए गदेरे की ओर चले गए थे।

बचाव में दिखी स्थानीय और पुलिस टीम की तत्परता
थानाध्यक्ष आर.सी. भट्ट ने जानकारी दी कि हादसा सोमवार शाम का है, जब बच्चे गदेरे में नहाने गए थे। पानी का बहाव अचानक तेज हो गया, जिससे पांचों छात्र फिसलकर बहने लगे। आसपास के लोगों ने जब यह दृश्य देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी और खुद भी मदद में जुट गए।

करीब 60 मीटर दूर से दिव्यांशु और गौरव के शव बरामद किए गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बरसात के मौसम में सतर्कता बेहद आवश्यक
यह हादसा एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि बरसात के मौसम में बरसाती गदेरे और नालों के पास जाना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से बार-बार चेतावनी के बावजूद बच्चों द्वारा ऐसी लापरवाही बरतना दुखद परिणामों का कारण बनता है।

स्थानीय प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर नजर रखें और उन्हें ऐसे जोखिम भरे स्थानों पर जाने से रोकें, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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